[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

नीमकाथाना में जलझूलनी एकादशी पर निकली ठाकुरजी की पालकी:शहर के 17 मंदिरों से निकली पालकियां, गणेश्वर में हुआ जलविहार


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़नीमकाथानाराजस्थानराज्यसीकर

नीमकाथाना में जलझूलनी एकादशी पर निकली ठाकुरजी की पालकी:शहर के 17 मंदिरों से निकली पालकियां, गणेश्वर में हुआ जलविहार

नीमकाथाना में जलझूलनी एकादशी पर निकली ठाकुरजी की पालकी:शहर के 17 मंदिरों से निकली पालकियां, गणेश्वर में हुआ जलविहार

नीमकाथाना : नीमकाथाना जलझूलनी एकादशी के अवसर पर मंगलवार को शहर के विभिन्न मंदिरों से ठाकुर जी नगर भ्रमण पर निकले। फूलों से सजी धजी पालकी में ठाकुर जी को नई पोशाक पहनाकर विराजमान किया गया। इसके बाद जयकारों के बीच ठाकुरजी की पालकियां रवाना हुई। मंदिरों में विराजमान ठाकुरजी को जलझूलनी एकादशी पर साढ़े पांच बजे पालकी में बैठाकर संख घड़ियाल बजाते हुए भजन कीर्तन गाकर भगवान के जयकारो के साथ नगर भ्रमण करवाया। लोगों ने जगह जगह पुष्प वर्षा की। इसके बाद एक साथ सभी ठाकुरजी ने अपने अपने मंदिरों की और प्रस्थान कर गए। भक्तों ने मंदिर में पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की तरफ कामना की व उपवास खोला।

अलग-अलग मंदिरों से निकली पालकियां

दीपक महाजन ने बताया कि नरसिंह मंदिर, जानकीनाथ मंदिर, गोपाल मंदिर,श्याम मंदिर, रघुनाथ मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, राम मंदिर सहित शहर के करीब 17 ठाकुरजी के मंदिरों से पालकियां निकाली गई। नरसिंह मंदिर चौक में ठाकुरजी की सामूहिक महाआरती हुई। जगह-जगह ठाकुर जी का स्वागत किया गया। श्रद्धालु पालकियों के नीचे से निकलते रहे और दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की।

गणेश्वर में हुआ जलविहार

गणेश्वर तीर्थ धाम परिधि क्षेत्र सहित गांव के विभिन्न ठाकुर जी के मंदिरों की पालकिया गालव कुंड में पहुंची जहां पर सभी ठाकुर जी को तैराकी करवाई गई इस दौरान संख घड़ियाल बजाकर महाआरती भी हुई।

राजसी ठाठ बाट से निकली पालकियां

शहर के मंदिरों की पालकियों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। भगवान को नई पोशाक पहनाई गई। इसके बाद शाम को राजसी ठाठ बाट से ये पालकियां रवाना हुई। श्रद्धालु इन्हें कंधों पर उठाए चल रहे थे। श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी को चंवर डुलाया। जगह जगह पुष्प वर्षा कर इनका स्वागत किया गया।

Related Articles