[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

सरकारी स्कूलों को मजबूत करने की मुहिम में ग्रामीणों ने बढ़ाया सहयोग का हाथ


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़फतेहपुरराजस्थानराज्यसीकर

सरकारी स्कूलों को मजबूत करने की मुहिम में ग्रामीणों ने बढ़ाया सहयोग का हाथ

सरकारी स्कूलों को मजबूत करने की मुहिम में ग्रामीणों ने बढ़ाया सहयोग का हाथ

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : विक्रम बिजारणियां

फतेहपुर : शिक्षक दिवस के अवसर पर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, हनुमानपुरा-सुलखनिया में शिक्षा, बालिका शिक्षा और सरकारी विद्यालयों को मजबूत करने को लेकर विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सरकारी स्कूलों के विकास में समाज की भागीदारी और सहयोग को लेकर चर्चा हुई।

कार्यक्रम में रणधीर दैया ने कहा कि समाज शिक्षा के क्षेत्र में अभी भी काफी पिछड़ा हुआ है। सरकारी विद्यालयों को मजबूत करने की मुहिम के तहत लोगों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल बच्चों को शिक्षा के साथ मानसिक विकास और व्यक्तित्व निर्माण के बेहतर अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ने के लिए प्रेरित करने और स्कूल के विकास में सहयोग देने की अपील की।

प्रधानाचार्य ने ग्रामीणों के सहयोग को सराहा

विद्यालय के प्रधानाचार्य दुलाराम ने ग्रामीणों के लगातार मिल रहे सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि गांववासियों ने विद्यालय के प्रति सकारात्मक सोच के साथ सहयोग किया है। विद्यालय परिवार ग्रामीणों की आकांक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेगा और बेहतर परिणाम देने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने कहा कि प्रयास रहेगा कि विद्यालय न केवल आसपास के क्षेत्र में, बल्कि तहसील स्तर पर भी अपनी पहचान बनाए और सुलखनिया गांव का गौरव बढ़ाए।

ग्रामीणों ने दिल खोलकर दिया सहयोग

विद्यालय के विकास के लिए ग्रामीणों ने विभिन्न रूपों में सहयोग किया। मोतिराम पूनिया ने एक बीघा जमीन, सोहनलाल बुरड़क ने लैपटॉप तथा गणपतराम पूनिया, भंवरलाल पूनिया और बजरंग पूनिया ने 16-16 विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर उपलब्ध कराया। विद्यालय में इलेक्ट्रिक घंटी के लिए स्टाफ की ओर से 11 हजार रुपये खर्च किए गए। नोरग पूनिया ने 5 हजार रुपये, अलमारी के लिए पीटीआई महावीर ने 4 हजार रुपये तथा रामचंद्र पूनिया (फौजी) ने 6 हजार रुपये की सहयोग राशि दी।

वहीं खिवाराम ख्यालिया ने 25 हजार रुपये का झूला विद्यालय को प्रदान किया। कक्षाओं में विद्यार्थियों के उपयोग के लिए बोर्ड लगाने के लिए मनफूल पूनिया ने 18 हजार रुपये का सहयोग दिया। बीरबल पूनिया ने मेज के लिए 5,100 रुपये तथा हेमाराम पूनिया ने विद्यालय के विकास के लिए 5,100 रुपये की सहयोग राशि प्रदान की।

सामूहिक सहयोग बनी प्रेरणादायक मिसाल

ग्रामीणों के इस सामूहिक सहयोग ने सरकारी विद्यालय के प्रति समाज की जिम्मेदारी और जुड़ाव की मिसाल पेश की। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षक, अभिभावक और ग्रामीण मिलकर विद्यालय के विकास के लिए आगे आएं तो सरकारी स्कूलों को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।

Related Articles