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भीषण गर्मी में बंदियों की सुध लेने उपजेल पहुंचे जिला एवं सेशन न्यायाधीश, पेयजल और चिकित्सा व्यवस्था अविलंब दुरुस्त करने के दिए निर्देश


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भीषण गर्मी में बंदियों की सुध लेने उपजेल पहुंचे जिला एवं सेशन न्यायाधीश, पेयजल और चिकित्सा व्यवस्था अविलंब दुरुस्त करने के दिए निर्देश

भीषण गर्मी में बंदियों की सुध लेने उपजेल पहुंचे जिला एवं सेशन न्यायाधीश, पेयजल और चिकित्सा व्यवस्था अविलंब दुरुस्त करने के दिए निर्देश

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

राजगढ़ : तालुका विधिक सेवा समिति राजगढ़ के तत्वावधान में शुक्रवार को न्यायिक अधिकारियों ने राजगढ़ उपकारागृह (सब-जेल) का सघन निरीक्षण किया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश (चूरू) सोनिका पुरोहित, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कृष्णा राकेश कांवत और अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश (राजगढ़) मुनेश चंद यादव ने जेल पहुंचकर बंदियों की समस्याएं सुनीं और जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बैरकों में जाकर बंदियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने जेल में भोजन की गुणवत्ता, पेयजल की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं की बारीकी से जांच की। इस दौरान कुछ बंदियों ने पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।

अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और जेल प्रशासन को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। जिला एवं सेशन न्यायाधीश सोनिका पुरोहित ने कहा: “जेल में निरुद्ध बंदियों के बुनियादी मानवाधिकारों और स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। भीषण गर्मी के इस मौसम में शुद्ध पेयजल और त्वरित चिकित्सा सुविधा हर बंदी का अधिकार है। जेल प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं में आ रही किसी भी कमी को अविलंब दुरुस्त करें ताकि बंदियों को राहत मिल सके।”

कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक
निरीक्षण के दौरान बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और विधिक सहायता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कृष्णा राकेश कांवत ने बताया: “हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बंदी सही कानूनी मार्गदर्शन या आर्थिक अभाव के कारण न्याय से वंचित न रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऐसे सभी जरूरतमंद बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता और अधिवक्ता उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

152 बंदी मिले मौजूद
जेल अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के समय उपकारागृह में कुल 152 बंदी मौजूद थे। इस दौरान जेल विजिटिंग लॉयर प्रीतम शर्मा और उपकारागृह के प्रभारी उपकारपाल किशन लाल भी मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को जेल प्रबंधन से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी और निर्देशों की तत्काल पालना का आश्वासन दिया।

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