[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

यमुना जल आभार कार्यक्रम में भाजपा में दिखी नाराजगी, नवलगढ़ विधायक विक्रम जाखल का नाम नहीं पुकारने पर समर्थकों ने जताया विरोध


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

यमुना जल आभार कार्यक्रम में भाजपा में दिखी नाराजगी, नवलगढ़ विधायक विक्रम जाखल का नाम नहीं पुकारने पर समर्थकों ने जताया विरोध

मंच संचालन और संगठन समन्वय को लेकर उठे सवाल, वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से मामला शांत

झुंझुनूं : यमुना जल परियोजना के एमओए के बाद मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए जयपुर में आयोजित भाजपा कार्यक्रम में उस समय असहज स्थिति बन गई, जब नवलगढ़ विधायक विक्रम सिंह जाखल का नाम मंच से संबोधन के लिए नहीं पुकारा गया। इसके बाद विधायक समर्थकों ने नाराजगी जताते हुए विरोध दर्ज कराया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन में नेताओं के नाम क्रमवार पुकारे जा रहे थे, लेकिन नवलगढ़ विधायक विक्रम सिंह जाखल का नाम सूची में शामिल नहीं था। इसे लेकर उनके समर्थकों ने आपत्ति जताई और कहा कि क्षेत्र के निर्वाचित विधायक की अनदेखी की गई है।

समर्थकों ने जताई नाराजगी

समर्थकों का आरोप था कि कई नेताओं को मंच पर स्थान दिया गया, लेकिन नवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक को संबोधन का अवसर नहीं दिया गया। विरोध बढ़ने के बाद कुछ समर्थक कार्यक्रम स्थल से बाहर भी आ गए और नाराजगी जाहिर की।

विधायक ने मंच पर जाने से किया इनकार

मामले के बीच विधायक विक्रम सिंह जाखल ने भी मंच पर जाने से इनकार कर दिया। वे कुछ समय तक अपने समर्थकों के साथ ही रहे। बाद में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप कर विधायक से बातचीत की और स्थिति को संभाला। इसके बाद कार्यक्रम सामान्य रूप से आगे बढ़ा।

संगठन की कार्यशैली पर चर्चा

घटना के बाद भाजपा जिला संगठन के समन्वय को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कार्यकर्ताओं में चर्चा है कि कार्यक्रम की सूची और प्रोटोकॉल को लेकर बेहतर तालमेल होता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।

हालांकि इस मामले में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटनाक्रम ने संगठन के अंदर चल रही खींचतान की चर्चाओं को फिर हवा दे दी है।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि हाल के कुछ कार्यक्रमों और प्रेस नोट को लेकर संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। अब विधायक के नाम को लेकर हुए विवाद ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया, लेकिन कार्यक्रम में हुई नाराजगी ने भाजपा संगठन में आपसी संवाद और समन्वय को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

Related Articles