हार्ट अटैक से CRPF जवान दिनेश कुमार का निधन, पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
हार्ट अटैक से CRPF जवान दिनेश कुमार का निधन, पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : शैलेंद्र पारीक
नवलगढ़/बलवंतपुरा : देश की सेवा में समर्पित एक और वीर सपूत मंगलवार को हमेशा के लिए पंचतत्व में विलीन हो गया। नवलगढ़ उपखंड के बलवंतपुरा गांव निवासी सीआरपीएफ के हेड कॉन्स्टेबल दिनेश कुमार (जडेजा) का मंगलवार तड़के अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे गांव, क्षेत्र और सीआरपीएफ परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
मंगलवार सुबह तीन बजे बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार दिनेश कुमार हाल ही में सीआरपीएफ की 96वीं बटालियन से 198वीं बटालियन में स्थानांतरित हुए थे और उन्हें नई तैनाती पर विशाखापट्टनम में ड्यूटी जॉइन करनी थी। इसी कारण वे करीब पांच दिन पहले अपने घर बलवंतपुरा आए हुए थे। मंगलवार सुबह करीब तीन बजे अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल से गांव तक निकली तिरंगा यात्रा
शहीदों जैसी सम्मानजनक विदाई के साथ मंगलवार को जिला अस्पताल से उनके पैतृक गांव बलवंतपुरा तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह के अंतिम दर्शन के लिए हजारों ग्रामीण, रिश्तेदार, मित्र और क्षेत्रवासी उमड़ पड़े। पूरे गांव में गमगीन माहौल था और हर आंख नम दिखाई दी।
जब पार्थिव देह उनके घर पहुंची तो पत्नी सुमन देवी, पुत्र हिमांशु, पुत्री काजल सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अंतिम दर्शन के दौरान मौजूद लोगों ने “भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहे” के नारों के साथ अपने लाडले सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की।

जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
सीआरपीएफ की विशेष टुकड़ी उनके निवास पर पहुंची, जहां विभाग की ओर से शोक संदेश पढ़कर दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि दी गई। सैन्य परंपराओं के अनुसार उन्हें पूरे राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। मुक्तिधाम में सीआरपीएफ जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। उनके पुत्र हिमांशु ने मुखाग्नि दी। इस दौरान सीआरपीएफ अधिकारियों ने परिवार को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा सौंपकर संवेदनाएं व्यक्त कीं।
दिनेश कुमार का जन्म 8 अप्रैल 1980 को हुआ था। उन्होंने वर्ष 2004 में सीआरपीएफ में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। अपने सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासित जीवन के कारण वे विभाग और समाज में विशेष पहचान रखते थे।
अंतिम संस्कार में बीरबल सिंह गोदारा, पूर्व प्रधान दिनेश सुंडा, रविंद्र सिंह जाखल, सुभाष लांबा, प्रकाश महण, दिनेश महण, विजेंद्र डोटासरा, ललित कुमावत, सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और ग्रामीण उपस्थित रहे।
देश सेवा का फर्ज निभाने वाले इस वीर जवान की अंतिम विदाई ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। हर जुबान पर यही शब्द थे- “वीर जवान भले ही इस दुनिया से विदा हो गया हो, लेकिन उसकी देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।”



जवान की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग जुटे।
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