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आरबीएसके से विकास तंवर की निःशुल्क हार्ट सर्जरी:योजना से गरीब परिवारों को मिल रहा है आर्थिक संबल


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आरबीएसके से विकास तंवर की निःशुल्क हार्ट सर्जरी:योजना से गरीब परिवारों को मिल रहा है आर्थिक संबल

आरबीएसके से विकास तंवर की निःशुल्क हार्ट सर्जरी:योजना से गरीब परिवारों को मिल रहा है आर्थिक संबल

झालावाड़ : राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) झालावाड़ में सैकड़ों बच्चों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा है। इस योजना के तहत गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कई परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। हाल ही में, बकानी क्षेत्र के 6 साल के विकास तंवर की निःशुल्क हार्ट सर्जरी इसी योजना के तहत सफलतापूर्वक की गई।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. साजिद खान ने बताया कि खेरिया आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत विकास तंवर को आरबीएसके टीम ने स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित किया था। विकास के पिता मोरसिंह तंवर ने बताया कि बच्चे को जन्म से ही सांस लेने में तकलीफ और होंठ व नाखूनों का नीला पड़ना जैसी समस्याएं थीं। परिवार पहले ही बच्चे के इलाज पर काफी आर्थिक नुकसान झेल चुका था, लेकिन बीमारी में सुधार नहीं हो रहा था।

आरबीएसके टीम ने विकास को जिला मुख्यालय रेफर किया। जिला अस्पताल में ईको जांच के बाद बच्चे को उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान में भेजा गया, जहां फरवरी 2026 में उसका निःशुल्क सफल ऑपरेशन किया गया। वर्तमान में विकास पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन जी रहा है।

विकास के परिजनों ने बताया कि वे मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं और उनके लिए महंगा हार्ट ऑपरेशन करवाना संभव नहीं था। उन्होंने सरकारी योजना के तहत मिले इस इलाज के लिए आभार व्यक्त किया, जिससे उनके बच्चे का जीवन बच सका।

सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने बताया कि विभाग द्वारा हर वर्ष इस योजना के तहत कई बच्चों के निःशुल्क ऑपरेशन कराए जा रहे हैं। गत वर्ष जिले में 23 बच्चों की हार्ट सर्जरी और 15 अन्य गंभीर बीमारियों की सर्जरी करवाई गई थी। एक सर्जरी पर सामान्यतः 2 से 3 लाख रुपए तक का खर्च आता है, जिसे सरकार वहन करती है।

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार नागर ने जानकारी दी कि जिले के 8 ब्लॉकों में गठित 8 टीमें आंगनबाड़ी केंद्रों, राजकीय विद्यालयों और पंजीकृत मदरसों में बच्चों की नियमित स्क्रीनिंग करती हैं। गंभीर बीमारी पाए जाने पर बच्चों को उच्च संस्थानों में रेफर कर निःशुल्क सर्जरी करवाई जाती है, जिससे 34 प्रकार की गंभीर बीमारियों का इलाज संभव हो पाता है।

योजना के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों में 34 प्रकार की गंभीर बीमारियों का इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया जाता है, जिनमें 9 प्रकार की बड़ी सर्जरी भी शामिल हैं, इन पर 5 से 10 लाख रुपए तक का खर्च आता है। योजना की सभी गतिविधियों की मॉनिटरिंग अतिरिक्त नोडल अधिकारी डॉ. रामबिलास मीणा द्वारा की जा रही है। चिकित्सा विभाग की इस पहल से जिले में कई बच्चों को नया जीवन मिल रहा है और गरीब परिवारों को बड़ी राहत प्राप्त हो रही है।

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