उत्साह के साथ अदा की रमजान के पहले जुमे की नमाज
मस्जिदों में उमड़ा नमाजियों का सैलाब
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद आरिफ चंदेल
इस्लामपुर : मुस्लिम भाइयों में रमजान महीने के पहले जुमे की नमाज को लेकर बेहद उत्साह नजर आया। जुमे की नमाज से पहले ही बड़ों के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चे भी मस्जिदों में पहुंच गए। जामा मस्जिद में जुमे की नमाज मौलाना अकबर अली व मदीना मस्जिद में जुमे की नमाज मौलाना उमर ने अदा करवाई। नमाज से पहले मौलाना ने अपनी तकरीर में लोगों को गीबत, चुगली और बुरी बातों से बचते हुए इस मुकद्दस महीने में गरीब व जरूरतमंदों की ज्यादा से ज्यादा मदद करने की बात कही।
मौलाना ने रमजान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दिनभर भूखे-प्यासे रहने का नाम रोजा नहीं है बल्कि रोजे की हालत में खुद को बुरे कामों व बुरी बातों से रोकना और दूसरों को अच्छी बातों के लिए प्रेरित करना ही असल में रोजा है। इंसान को रोजे की हालत में अपनी जुबान, आंख व कान सहित शरीर के हर अंग को बुरे कामों से बचाना चाहिए। रोजा इंसान को गरीबों की मुफलिसी का अहसास कराता है।
उन्होंने कहा कि अभी रमजान का पहला असरा रहमत का चल रहा है। इस पहले असरे में रब की ज्यादा से ज्यादा इबादत कर उसकी खुशनूदी हासिल करना चाहिए। नमाज के बाद रोजेदारों की ओर से देश में अमनो-चैन की दुआ की गई। इस्लाम में जुमे का विशेष महत्व होने के चलते बड़ों के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चों ने भी रमजान के पहले जुमे का रोजा रखा और शाम को जब इफ्तार किया तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19







Total views : 2039366

