[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

नीमकाथाना में खातेदारों ने नगद मुआवजा लेने से किया इनकार:विकसित भूमि आवंटन की मांग को लेकर दिए आवेदन; आवासीय मकान को खाली नहीं कराने की मांग


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़नीमकाथानाराजस्थानराज्यसीकर

नीमकाथाना में खातेदारों ने नगद मुआवजा लेने से किया इनकार:विकसित भूमि आवंटन की मांग को लेकर दिए आवेदन; आवासीय मकान को खाली नहीं कराने की मांग

नीमकाथाना में खातेदारों ने नगद मुआवजा लेने से किया इनकार:विकसित भूमि आवंटन की मांग को लेकर दिए आवेदन; आवासीय मकान को खाली नहीं कराने की मांग

नीमकाथाना : नीमकाथाना के महावा ग्राम पंचायत कार्यालय में बुधवार को रीको इकाई सीकर द्वारा एक शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में भराला क्षेत्र में रीको द्वारा अधिग्रहित भूमि के बदले नगद मुआवजा लेने से इनकार करने वाले खातेदारों ने विकसित भूमि आवंटन की मांग को लेकर आवेदन दिया।

कुल 50 आवेदन मिले

शिविर प्रभारी एवं रीको इकाई सीकर के गरमीत सिंह ने बताया- कुल 50 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 20 आवेदन खातेदारों द्वारा विकसित भूमि की मांग को लेकर दिए गए हैं। कई खातेदारों ने कहा कि वे नगद मुआवजा नहीं लेना चाहते और उन्हें पहले यह बताया जाए कि विकसित भूमि किस जगह पर आवंटित की जाएगी।

खातेदारों का कहना है कि बड़िया मोड़ से पलास की जोहड़ी तक खातेदारी क्षेत्र में विकसित हो चुकी आवासीय कॉलोनियों और दुकानों को किसी भी स्थिति में रीको क्षेत्र में शामिल नहीं किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में उनका मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

शिविर प्रभारी ने जानकारी दी कि राजस्थान सरकार और रीको के बीच आपसी सहमति से एक नया प्रावधान लागू किया गया है। इसके तहत नगद मुआवजा नहीं लेने वाले खातेदारों को 20 प्रतिशत आवासीय और 5 प्रतिशत व्यावसायिक भूमि के साथ-साथ रीको क्षेत्र में भी भूमि आवंटन का प्रावधान किया गया है।

आवासीय मकान को खाली नहीं कराने की मांग

कोर्ट और रीको के नियमों के अनुसार, 2 मार्च 2026 तक आवेदन रीको इकाई सीकर में जमा किए जा सकते हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने शिविर प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर उच्च अधिकारियों से मांग की कि आवासीय मकानों को खाली नहीं कराया जाए।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker