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पिछले 12 वर्षों के पेपरलीक मामलों की CBI जांच कराए राजस्थान सरकार, डोटासरा ने दी चुनौती


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पिछले 12 वर्षों के पेपरलीक मामलों की CBI जांच कराए राजस्थान सरकार, डोटासरा ने दी चुनौती

पिछले 12 वर्षों के पेपरलीक मामलों की CBI जांच कराए राजस्थान सरकार, डोटासरा ने दी चुनौती

जयपुर : राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार को विधानसभा में पेपरलीक, शिक्षा, पंचायत राज चुनाव सहित कई मुद्दे उठाते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और वर्तमान तथा पूर्ववर्ती भारतीय जनता पार्टी सरकार पर पेपर लीक का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो सरकार को पिछले बारह वर्षों में हुए पेपर लीक की केन्द्रीय जांच ब्यूरो से जांच करानी चाहिए।

डोटासरा ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में भाग लेते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार के समय भी नीट, आरयू के पेपरलीक हुए, एक जगह आरएएस का पेपर खुला मिला। हमारे वक्त भी पेपर लीक हुए लेकिन कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अगर कार्रवाई में कोई कमी रह गई तो अब कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वसुंधराजे सरकार के समय की भी जांच करो, रोजाना बात करने से कुछ नहीं होता। उन्होंने कहा कि एक दूसरे पर आरोप लगाने की बजाय बच्चों का भविष्य बर्बाद नहीं हो, यह हमारा दायित्व होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की पहले कुत्ते भगाने में ड्यूटी लगाई और अब रामकथा में ड्यूटी लगाने का नया आदेश निकाला गया है। शिक्षा मंत्री ने राम कथा पर 81 ट्वीट कर दिए, लेकिन शिक्षा में नवाचार पर 2 साल में 8 ट्वीट नहीं कर पाए। स्कूलों में 1.5 लाख शिक्षकों की कमी है और शिक्षा मंत्री भ्रष्टाचार की मशीन लगाकर ट्रांसफर में लगे हैं। शिक्षा के प्रति पूरा ध्यान नहीं देने से स्कूलों में पौने दो लाख नामांकन कम हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 3700 स्कूलें जर्जर है और उनमें बैठने की जगह नहीं हैं तथा बच्चियों के लिए 44 हजार शौचालय नहीं हैं और शिक्षा के नवाचार पर काम नहीं किया गया।

डोटासरा ने कहा कि शिक्षा मंत्री रोजाना उन्हें जेल भेजने की धमकी देते हैं लेकिन डोटासरा कोई कच्चा गोला है क्या, जो कोई भी खा जाएगा। उन्होंने ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की भी मांग की और यमुना जल समझौते पर कहा कि इससे राजस्थान के हितों से समझौता किया गया है। मनरेगा को लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि मनरेगा का नाम बदल दिया लेकिन काम का अधिकार भी समाप्त कर दिया गया। जब पहले केंद्र 90 प्रतिशत हिस्सा देता था, तो अब राज्य 40 प्रतिशत हिस्से की पूर्ति कैसे कर पाएगा।

उन्होंने कहा कि पंचायत राज चुनाव आगामी 31 मार्च से पहले नहीं कराने पर केन्द्र सरकार से मिलने वाले तीन हजार करोड रुपए राज्य को नहीं मिलेंगे। डोटासरा ने राज्य सरकार पर राइजिंग राजस्थान के नाम से जमीनों की बंदर बांट करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि एक दूसरे पर आरोप लगाने की बजाय वास्तविक मुद्दों पर काम होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में लोग पेंशन के लिए तड़प रहे हैं और किसानों की हालत खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि अभिभाषण में सरकार का कोई विजन नजर नहीं आया।

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