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पाटन के अस्पताल में 15 पद खाली:स्टाफ की कमी से मरीज परेशान, इलाज में हो रही दिक्कत


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पाटन के अस्पताल में 15 पद खाली:स्टाफ की कमी से मरीज परेशान, इलाज में हो रही दिक्कत

पाटन के अस्पताल में 15 पद खाली:स्टाफ की कमी से मरीज परेशान, इलाज में हो रही दिक्कत

पाटन : पाटन के डाबला रोड स्थित मूलचंद दीवान राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में कुल 34 स्वीकृत पदों में से 15 पद रिक्त पड़े हैं। इस कमी के कारण प्रतिदिन 450 से 500 मरीज आउटडोर में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ये पद खाली

चिकित्सालय में डॉक्टरों के अलावा अकाउंटेंट, क्लर्क, आईटी स्टाफ, एएनएम, सीनियर नर्सिंग स्टाफ, नर्सिंग ऑफिसर, सहायक रेडियोग्राफर, सीनियर लैब टेक्नीशियन, वार्ड बॉय और सफाई कर्मचारी सहित कई अन्य महत्वपूर्ण पद खाली हैं। नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण वार्ड, प्रसव, टीबी और इमरजेंसी जैसी सेवाओं में मरीजों को परेशानी होती है। पट्टी और इंजेक्शन लगवाने के लिए भी मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।

सुविधा युक्त ऑपरेशन थिएटर पड़े बेकार

अस्पताल में सर्व सुविधायुक्त ऑपरेशन थिएटर मौजूद है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक का पद रिक्त होने के कारण यहां ऑपरेशन नहीं किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, सोनोग्राफी मशीन की अनुपलब्धता के कारण प्रसूताओं को उच्च केंद्रों पर रेफर करना पड़ता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी और खर्च उठाना पड़ता है।

पाटन क्षेत्र से स्टेट हाईवे गुजरता है और यह एक माइनिंग जोन भी है, जिसके कारण यहां आए दिन बड़े सड़क हादसे होते रहते हैं। इन हादसों में गंभीर रूप से घायल मरीजों को पाटन अस्पताल लाया जाता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण गंभीर घायलों को नीम का थाना या कोटपूतली जैसे बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर इलाज न मिलने के कारण कई बार गंभीर मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।

चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. अमित यादव, जो वर्तमान में आईएमएनसीआई ट्रेनिंग पर हैं, ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण निश्चित रूप से परेशानियां हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद चिकित्सालय आने वाले प्रत्येक मरीज का उपचार किया जा रहा है और ओपीडी बहुत ज्यादा होने के बावजूद मरीजों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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