यूजीसी नियमों का विरोध, श्रीमाधोपुर में सवर्ण समाज की बैठक:वक्ता बोले- नए नियम सामाजिक समरसता के बजाय विभाजन को बढ़ावा देंगे
यूजीसी नियमों का विरोध, श्रीमाधोपुर में सवर्ण समाज की बैठक:वक्ता बोले- नए नियम सामाजिक समरसता के बजाय विभाजन को बढ़ावा देंगे
श्रीमाधोपुर : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के खिलाफ श्रीमाधोपुर में सवर्ण समाज ने विरोध दर्ज कराया है। समाज ने नियम 3(सी) को भेदभावपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने या आवश्यक संशोधन करने की मांग की है।
श्रीमाधोपुर के परशुराम सभागार में आयोजित सवर्ण समाज की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ये नियम जाति के आधार पर शिकायत निवारण व्यवस्था को सीमित करता है। इससे सामान्य और उच्च जातियों के लोगों को भेदभाव की गंभीर स्थिति में भी न्याय से वंचित किया जा सकता है।
वक्ताओं ने इस नियम को संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) और 21 का उल्लंघन बताया। सवर्ण समाज का मानना है कि यूजीसी के नए नियमों में किए गए पांच प्रमुख बदलाव कॉलेज और यूनिवर्सिटी में सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देंगे, जो सामाजिक समरसता की भावना के विपरीत हैं।
बैठक में ये भी स्पष्ट किया गया कि ये विरोध नियमों और नीतियों के विरुद्ध है, किसी व्यक्ति विशेष या देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ नहीं। इन नियमों के विरोध और आगे की रणनीति तय करने के लिए सवर्ण समाज की एक विशाल बैठक शनिवार, 31 जनवरी को परशुराम सभागार में फिर से आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में दिनेश सिंह शेखावत, बृजेंद्र जोशी, रामजीलाल शर्मा, मुकेश कुमार, सोनू गोठवाल, रत्न खाटूवाला, डॉ. परशुराम भातरा, डॉ. सी.पी. व्यास, विशाल बोहरा, अजय मिश्रा, नरेश भिंडा, ओमप्रकाश पचोरी, मनोज, महेश ढाणीवाला, अजय नागलका, मनोज लोकनाथका और रवि लोकनाथका सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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