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सिंघानिया विश्वविद्यालय में शेखावाटी फाउंडेशन का भव्य सम्मान समारोह


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सिंघानिया विश्वविद्यालय में शेखावाटी फाउंडेशन का भव्य सम्मान समारोह

शिक्षा, संस्कृति और रोजगार पर मंथन, ‘अरावली’ प्लेग्राउंड का उद्घाटन

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : अयूब खान 

पचेरी कलां : सिंघानिया विश्वविद्यालय के शेखावाटी ऑडिटोरियम में शेखावाटी फाउंडेशन, झुंझुनूं की ओर से एक भव्य, गरिमामयी एवं विचारोत्तेजक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, हाई-टी एवं वृक्षारोपण के साथ हुआ, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में नव-निर्मित ‘अरावली’ प्लेग्राउंड का भी उद्घाटन किया गया।

दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई। अतिथियों का सम्मान पौधा, शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर किया गया।

सिंघानिया विश्वविद्यालय के प्रेजिडेंट एवं शेखावाटी फाउंडेशन के सदस्य डॉ. मनोज कुमार (सेवानिवृत्त आईएएस) ने स्वागत भाषण में कहा कि उनका लक्ष्य विश्वविद्यालय को शेखावाटी के प्रत्येक व्यक्ति से जोड़ना है। उन्होंने विश्वविद्यालय के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, यूजीसी व विभिन्न काउंसिल से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों तथा खेलों में उपलब्धियों की जानकारी दी। इस दौरान विश्वविद्यालय व सिंघानिया स्कूल के विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

शेखावाटी फाउंडेशन के महासचिव दीपेंद्र बुडानिया ने आयोजन की सराहना करते हुए सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र के विकास का आह्वान किया। फाउंडेशन के प्रवक्ता प्रमेन्द्र कुल्हार ने कहा कि चूरू, झुंझुनूं और सीकर अंचल की विलुप्त होती सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण फाउंडेशन का प्रमुख उद्देश्य है।

प्रसिद्ध मूर्तिकार मातूराम ने विश्वविद्यालय के संस्थापक स्व. डी.सी. सिंघानिया से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता की प्रशंसा की। सामाजिक कार्यकर्ता परमेश्वर हलवाई ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्थित विश्वविद्यालय की अधोसंरचना के बेहतर उपयोग में शेखावाटी फाउंडेशन सेतु की भूमिका निभा सकता है। गीतांजलि ज्वेलर्स के शिवकरण जानू ने फाउंडेशन को नई शेखावाटी की मजबूत नींव बताया।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जिनमें विश्वनाथ टीबड़ेवाल (समाजसेवा एवं भामाशाह), अनीता पुनिया (शिक्षा में नवाचार), शिवकरण जानू (समाजसेवा), परमेश्वर हलवाई (शिक्षा व समाजसेवा), रोहित निगम (संगीत), कृति व्यास (क्रिकेट) एवं नेहा माहेश्वरी (संगीत) शामिल रहे।

मुख्य अतिथि एवं शेखावाटी फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. दिलीप मोदी ने कहा कि राजस्थान के प्रवेश द्वार पर स्थित यह विश्वविद्यालय शेखावाटी के लिए गर्व का विषय है। फाउंडेशन का उद्देश्य शेखावाटी का सामाजिक, सांस्कृतिक व आर्थिक विकास करना तथा कुओं-बावड़ियों जैसी धरोहरों का संरक्षण करना है।

अध्यक्षीय संबोधन में सिंघानिया विश्वविद्यालय के चेयरमैन रवि सिंघानिया ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य स्किल आधारित शिक्षा के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इसी दिशा में विश्वविद्यालय ने फर्स्ट मेरिडियन कंपनी से करार किया है, जिसके तहत विद्यार्थियों को इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। नर्सिंग व पैरा-मेडिकल सहित भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर नए पाठ्यक्रमों पर भी कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान, सामूहिक छायाचित्र एवं स्नेह भोज के साथ हुआ। इस अवसर पर सोनल सिंघानिया, डॉ. ललित सिंह, डॉ. उमेश गुप्ता, शेखावाटी फाउंडेशन के सदस्य, विश्वविद्यालय के अधिकारी व स्टाफ सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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