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चारावास में प्रियांशु चाहर की स्मृति में स्वेच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन, युवाओं व महिलाओं ने किया 118 यूनिट रक्तदान


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चारावास में प्रियांशु चाहर की स्मृति में स्वेच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन, युवाओं व महिलाओं ने किया 118 यूनिट रक्तदान

चारावास में प्रियांशु चाहर की स्मृति में स्वेच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन, युवाओं व महिलाओं ने किया 118 यूनिट रक्तदान

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : विजेन्द्र शर्मा

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड के क्षेत्र के चारावास गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को प्रियांशु चाहर की स्मृति में समाजसेवी लवली अंकित चाहर एवं सूबेदार हरिसिंह चाहर के सौजन्य से स्वेच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ समाजसेवी हरिसिंह माठ की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक उदयपुरवाटी शुभकर्ण चौधरी रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व प्रधान बजरंग सिंह चरावास, जयसिंह माठ, अनुज लांबा, कैप्टन नॉरंग चाहर, कैप्टन महिपाल चाहर तथा पूर्व सरपंच पूर्ण सिंह उपस्थित रहे।

स्वेच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया गया। रक्तदान को लेकर क्षेत्र के युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में युवाओं ने आगे बढ़कर स्वेच्छा से रक्तदान किया। कार्यक्रम संयोजक लवली अंकित चाहर ने बताया कि शिविर में एकत्रित रक्त को सीकेआरडीएम ब्लड बैंक, झुंझुनूं की टीम द्वारा डॉक्टर अमित जांगिड़ के नेतृत्व में सुरक्षित रूप से संग्रहित किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रक्तदाताओं की आवश्यक जांच कर सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया।

शिविर में कुल 118 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो क्षेत्र के युवाओं की जागरूकता, सामाजिक सरोकार और मानव सेवा की भावना को दर्शाता है। उल्लेखनीय रूप से रक्तदान शिविर में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और स्वेच्छा से रक्तदान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शुभकर्ण चौधरी ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानव धर्म है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति की जान बचा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के स्वेच्छिक रक्तदान शिविर अत्यंत आवश्यक हैं। युवाओं द्वारा बढ़-चढ़कर भाग लेना समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने और मानव सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।जयसिंह माठ ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण अंचलों में कई बार आपात परिस्थितियों में रक्त की कमी गंभीर समस्या बन जाती है।

ऐसे स्वेच्छिक रक्तदान शिविर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होते हैं। युवाओं की सहभागिता से समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना मजबूत होती है।आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय युवाओं, स्वयंसेवकों और स्वास्थ्य कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिविर के दौरान अनुशासन, सुव्यवस्था और सेवा भाव का विशेष ध्यान रखा गया।इस अवसर पर डॉ. मनोज तुन्दवाल, अजय सिंह, अंकित चाहर, अभिषेक नेहरा, अरविंद काजला (लोयल), रवि चाहर, अंकित ढाका, प्रवीण शर्मा, सुनील काजला, प्रमेंद्र चाहर, सूमेर झाझरिया, पवन चौहान, दिनेश चाहर, संदीप ढाका, विशाल काजला, सोनू बगड़िया, विजय सिंह काजला, राजेंद्र बोराण, बालकृष्ण कल्याण, अरविंद जांगिड़, सरोज देवी, सुमन, आशा, राजबाला देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं युवा मौजूद रहे।

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