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पंचायत समिति पुनर्गठन को लेकर कांग्रेस का विरोध


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पंचायत समिति पुनर्गठन को लेकर कांग्रेस का विरोध

एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन, जिला कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत

श्रीमाधोपुर : श्रीमाधोपुर एवं अजीतगढ़ पंचायत समिति के हालिया पुनर्गठन को लेकर कांग्रेस पदाधिकारियों ने शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने पुनर्गठन को जनविरोधी बताते हुए एसडीएम अनिल कुमार को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।

यह विरोध प्रदर्शन नीमकाथाना कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोविंद राम घसिया एवं पूर्व पीसीसी सचिव बालेंदु सिंह शेखावत के नेतृत्व में किया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पंचायत समिति पुनर्गठन में जनसंख्या के समानुपातिक नियमों की घोर अनदेखी की गई है।

कांग्रेस का कहना है कि कहीं मात्र तीन हजार की आबादी वाला वार्ड बना दिया गया है, तो कहीं दस से ग्यारह हजार की जनसंख्या वाला वार्ड गठित किया गया है, जो स्पष्ट रूप से नियमों के विरुद्ध है। नेताओं ने आरोप लगाया कि यह पुनर्गठन राजनीतिक द्वेषता और मनमर्जी के तहत किया गया है, जिससे आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि झाडली ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 2, जिसकी स्वयं की जनसंख्या 10,287 है, उसमें बिना आवश्यकता ग्राम पंचायत बुर्जा के राजस्व ग्राम भुरानपुरा की 612 की आबादी जोड़ दी गई, जो सरकार के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।

इसके अलावा कांग्रेस ने आपत्ति जताई कि अजीतगढ़ पंचायत समिति से मात्र तीन किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत गढ़टकनेत को करीब 30 किलोमीटर दूर श्रीमाधोपुर पंचायत समिति में शामिल किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक लाभ पहुंचाने की मंशा से लिया गया फैसला बताया।

वहीं ग्राम पंचायत चींपलाटा और सकराय को एक ही वार्ड में शामिल करने पर भी कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस का कहना है कि इससे अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के प्रतिनिधित्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जबकि दोनों ग्राम पंचायतें अलग-अलग वार्ड बनाए जाने की पात्र हैं।

अंत में कांग्रेस पदाधिकारियों ने मांग की कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जनसंख्या के समान अनुपात में वार्डों का पुनर्गठन किया जाए, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधित्व को नुकसान न पहुंचे।

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