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कपड़े-जूते खरीदे थे, बहन की शादी से पहले ही मौत:दोस्त के साथ शॉपिंग की थी, सीकर में बस-ट्रक की टक्कर में 4 परिवार उजड़ गए


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कपड़े-जूते खरीदे थे, बहन की शादी से पहले ही मौत:दोस्त के साथ शॉपिंग की थी, सीकर में बस-ट्रक की टक्कर में 4 परिवार उजड़ गए

कपड़े-जूते खरीदे थे, बहन की शादी से पहले ही मौत:दोस्त के साथ शॉपिंग की थी, सीकर में बस-ट्रक की टक्कर में 4 परिवार उजड़ गए

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत

सीकर : 25 साल के अमित ने बहन की शादी के लिए चिड़ावा (झुंझुनूं) में अपने दोस्त राकेश के साथ शॉपिंग की थी। जूते-कपड़े खरीदे थे। बालों की कटिंग भी कराई थी। ताकि बाद में किसी तरह का काम बाकी न रह जाए। दोनों दोस्त हंसी-खुशी ट्रक ले जा रहे थे। करीब 100 किमी आगे जाते ही सीकर में उसके ट्रक की स्लीपर बस से जोरदार टक्कर हो गई।

ट्रक ड्राइवर अमित सहित कुल चार लोगों की जान चली गई। झुंझुनूं के नूनिया गोठड़ा के रहने वाले राकेश को भी चोटें आई हैं। शादी वाले घर में मातम पसरा है। 9 दिसंबर की रात सीकर जिले के जयपुर-बीकानेर नेशनल हाईवे (झुंझुनूं बायपास) पर फतेहपुर के पास हादसा हुआ था। कुल 28 लोग घायल हुए थे। इनमें 6 की हालत अब भी गंभीर है।

सीकर जिले के जयपुर-बीकानेर नेशनल हाईवे (झुंझुनूं बायपास) पर फतेहपुर के पास हुए हादसे में बस के परखच्चे उड़ गए।
सीकर जिले के जयपुर-बीकानेर नेशनल हाईवे (झुंझुनूं बायपास) पर फतेहपुर के पास हुए हादसे में बस के परखच्चे उड़ गए।

नागौर में ट्रक हैंडओवर करना था

अमित ट्रक लेकर दिल्ली से नागौर की तरफ जा रहा था। अमित के चाचा की लड़की की 11 दिसंबर को शादी होनी है। ट्रक को नागौर में हैंड ओवर करके अमित वापस गांव जाकर शादी की तैयारियों में लगने वाला था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

मृतकों में गुजरात पुलिस का कॉन्स्टेबल भी

हादसे में जान गंवाने वालों में बस ड्राइवर कमलेश चौधरी, कंडक्टर मितेश, ट्रक ड्राइवर अमित कुमार और बस में सवार मयंक भाई पटेल शामिल हैं। कमलेश, अमित और मयंक की मौके पर ही मौत हो गई थी। मयंक गुजरात के वलसाड के रहने वाले थे। परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर निकले थे। वैष्णो देवी और शिवखोरी दर्शन करने के बाद खाटूश्यामजी जा रहे थे। इससे पहले ही उनकी बस हादसे का शिकार हो गई।

बच्चे छोटे थे, इसलिए पत्नी साथ नहीं आई

मयंक भाई गुजरात पुलिस में कॉन्स्टेबल थे। वे करीब 8 साल पहले पुलिस में भर्ती हुए थे। परिवार के साथ हर साल धार्मिक यात्रा पर जाते थे। इस बार मयंक पटेल पिता जसवंत भाई, मां कंचन बेन, भाई संकेत भाई, भतीजे अक्श, मौसी की बेटी अस्मिता, ताऊजी का बेटा अमित भाई पटेल के साथ 2 दिसंबर को वलसाड से निकले थे। मयंक के 1 साल 3 महीने पहले ही 2 जुड़वां बेटे हुए थे। बच्चे छोटे थे। इसलिए पत्नी साथ नहीं आई।

हादसे से कुछ देर पहले ही खाना खाने के लिए रुके थे

एक्सीडेंट होने से 1 घंटे पहले ही बस के सभी यात्रियों ने एक जगह रुककर खाना खाया था। यात्री खाना बनाने का सारा सामान साथ लेकर चल रहे थे। मयंक ने भी खाना बनाने में सबका सहयोग किया और सबको खिलाया।

पिता हॉस्पिटल में, नहीं दी गई बेटे की मौत की सूचना

खाना खाकर बस रवाना होने के बाद जब बाकी सब लोग सो गए तो मयंक केबिन में ड्राइवर के पास बैठ गए थे। बस फतेहपुर में एंट्री करते समय जैसे ही सीकर की तरफ मुड़ी सामने से आ रहे ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में मयंक के पिता जसवंत भाई को भी चोटें आई हैं। उन्हें सीकर के एसके हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जसवंत भाई को मयंक भाई की मौत की सूचना नहीं दी गई है।

कलेक्टर-एसपी ने मंगलवार देर रात सीकर के एसके हॉस्पिटल में घायलों का हालचाल जाना था।
कलेक्टर-एसपी ने मंगलवार देर रात सीकर के एसके हॉस्पिटल में घायलों का हालचाल जाना था।

बस में गुजरात के यात्री थे

बस में सवार सभी यात्री वलसाड (गुजरात) के रहने वाले हैं। ये सभी वैष्णो देवी के दर्शन कर लौट रहे थे और खाटूश्यामजी जा रहे थे। बस में करीब 50 लोग सवार थे। बस बीकानेर की ओर से जयपुर जा रही थी। ट्रक झुंझुनूं से बीकानेर की ओर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ट्रक आगे से बस में घुस गया। इससे जोरदार धमाका हुआ। बस के केबिन और उसके पीछे बैठे पैसेंजर्स सबसे ज्यादा घायल हुए हैं। घायलों की शरीर में कांच-मेटल के टुकड़े घुस गए।

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