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मंदिरों की भूमि मूर्ति के नाम करने की मांग:उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, पुजारियों पर भूमि दुरुपयोग का आरोप


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मंदिरों की भूमि मूर्ति के नाम करने की मांग:उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, पुजारियों पर भूमि दुरुपयोग का आरोप

मंदिरों की भूमि मूर्ति के नाम करने की मांग:उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, पुजारियों पर भूमि दुरुपयोग का आरोप

नेछवा : नेछवा के ग्राम डूंगरवास के पुजारी किशन लाल शर्मा और भंवर दास वैष्णव सहित कई पुजारियों ने मंदिरों की जमीनों को मूर्ति मंदिर के नाम दर्ज कराने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में अतिरिक्त जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है।

पुजारियों पर भूमि का दुरुपयोग का आरोप

पुजारियों का कहना है कि राजस्थान में मूर्ति मंदिर और धार्मिक स्थलों की कृषि भूमियों को पुजारियों के नाम से हटाकर वापस मंदिरों के नाम दर्ज किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि कुछ पुजारी मंदिरों की देखरेख छोड़कर पैसे के लालच में मंदिरों की जमीन को खुर्द-बुर्द कर रहे हैं।

पुजारियों ने बताया कि वर्ष 1998 में प्रथम सेटलमेंट के समय जमीनें मंदिर और धार्मिक जागीरों के नाम दर्ज की गई थीं। हालांकि, बाद में बनी जमाबंदियों में मनमर्जी से मंदिरों की जमीनों को कब्जेधारी और काश्तकारों के नाम खातेदारी में दर्ज कर दिया गया। इन जमीनों से मंदिरों का नाम पूरी तरह हटाकर व्यक्तिगत खातेदारों के नाम दर्ज कर दिए गए।

पुजारी किशन लाल शर्मा ने जानकारी दी कि राजस्व मंडल अजमेर ने वर्ष 1979 में एक आदेश जारी किया था। इस आदेश में भूमि को पुजारी और व्यक्तिगत खातेदारों के नाम से हटाकर मंदिर मूर्ति के नाम दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। इस आदेश के बावजूद, आज भी कई जमीनें व्यक्तिगत खातेदारों के नाम दर्ज हैं। इसकी आड़ में मंदिर की जमीनें लगातार हस्तांतरित हो रही हैं और उनका उपयोग मंदिर के उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा रहा है। पुजारियों ने बताया कि वे इस मामले में पहले भी मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर को प्रार्थना पत्र देकर ध्यान देने की मांग कर चुके हैं।

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