राजकीय सम्मान के साथ जवान ओमप्रकाश का अंतिम संस्कार:बेटों ने दी मुखाग्नि, पैतृक गांव में निकाली तिरंगा यात्रा
राजकीय सम्मान के साथ जवान ओमप्रकाश का अंतिम संस्कार:बेटों ने दी मुखाग्नि, पैतृक गांव में निकाली तिरंगा यात्रा
चूरू : सांडवा क्षेत्र के तेहनदेसर निवासी बीएसएफ जवान ओम प्रकाश रायका का बुधवार को उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। उनके दोनों पुत्रों ने मुखाग्नि दी। जवान को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
गांव में निकाली तिरंगा यात्रा
जवान के पार्थिव शरीर को सांडवा से तेहनदेसर लाया गया। इस दौरान तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग शामिल हुए। रास्ते भर लोगों ने पुष्प वर्षा की और ‘बीएसएफ जवान ओमप्रकाश अमर रहे’ के नारे लगाए।
तेहनदेसर पहुंचने पर भी ग्रामीणों ने पार्थिव देह पर पुष्प वर्षा की। घर पहुंचने पर परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चे पार्थिव देह से लिपटकर रोने लगे, जिन्हें ग्रामीणों ने संभाला। बीएसएफ बटालियन के जवानों ने तेहनदेसर पहुंचकर पार्थिव देह पर पुष्पचक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
बीएसएफ जवानों ने दी सलामी
इसके बाद जवान की अंतिम यात्रा घर से मोक्षधाम पहुंची। मोक्षधाम में बीएसएफ के जवानों ने ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ की सलामी देकर जवान को अंतिम विदाई दी। बाद में उनके पुत्रों ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार संपन्न किया।
BSF की 112 बटालियन में कार्यरत थे
बात दें ओमप्रकाश रायका बीएसएफ की 112 बटालियन में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत थे और बारामूला में तैनात थे। वह सोमवार को ही छुट्टी पर अपने गांव आए थे। जवान के पिता नागरराम रायका का निधन करीब 30 साल पहले हो चुका था। ओमप्रकाश अपने घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं।
सड़क हादसे में चली गई जान
मंगलवार को वह अपने खेत से गाड़ी लेकर गांव तेहनदेसर जा रहे थे। GSS के पास अचानक बोलेरो और कार की टक्कर हो गई, जिसमें उनकी मौत हो गई ।





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