13 साल के बच्चे की मौत पर आक्रोश:हॉस्पिटल के बाहर धरने पर बैठे परिजन और ग्रामीण, कार्रवाई और मुआवजे की मांग
13 साल के बच्चे की मौत पर आक्रोश:हॉस्पिटल के बाहर धरने पर बैठे परिजन और ग्रामीण, कार्रवाई और मुआवजे की मांग

टोंक : टोंक जिले में निवाई के नला रोड कच्ची बस्ती में नाबालिग पंकज (13) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। मृतक के परिजन और रैगर समाज के लोग सोमवार रात से अस्पताल परिसर के बाहर धरने पर बैठे हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पंकज की हत्या की गई है और वे दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग कर रहे हैं। मंगलवार दोपहर को पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई पर सहमति बनी। लेकिन मुआवजा और कार्रवाई समेत मांगें पूरी नहीं होने तक धरना जारी रहेगा और शव नहीं लिया जाएगा।
प्रशासन और पुलिस अलर्ट, वार्ता विफल
DSP मृत्युंजय मिश्रा और थाना अधिकारी रामजीलाल बैरवा लगातार धरना स्थल पर मौजूद हैं। प्रशासन की प्रदर्शनकारियों से की गई पहली वार्ता असफल रही, जिसके बाद सैकड़ों लोग अस्पताल परिसर के बाहर जुटने लगे।
स्थिति को देखते हुए उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार भी मौके पर पहुंचे और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निवाई, सदर थाना और दतवास थाना क्षेत्र का पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
सख्त कार्रवाई और 50 लाख मुआवजे की मांग
जिला अध्यक्ष रैगर महासभा शंकर हाथीवाल ने बताया कि SDM और DSP के साथ वार्ता हुई है, जिसमें प्रशासन के समक्ष पांच मांगें रखी गईं। उन्होंने मांग की कि मामले में सख्त कार्रवाई हो, पीड़ित परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले और 50 लाख रुपए का आर्थिक मुआवजा दिया जाए। साथ ही, प्रशासन सुनिश्चित करे कि ऐसी घटना दोबारा न हो। फिलहाल, पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पर सहमति बनी है, लेकिन जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक शव नहीं लिया जाएगा और आंदोलन जारी रहेगा।
SDM सुरेश कुमार ने बताया कि परिजन ग्रामीणों के साथ मांगों को लेकर अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे हैं। फिलहाल, पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पर सहमति बनी है। पुलिस मामले की तेजी से जांच कर रही है।

बस स्टैंड के पास धरना, रूट किया डायवर्ट
धरना स्थल बस स्टैंड के पास होने के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई, जिसके चलते प्रशासन ने वाहनों का रूट अहिंसा सर्किल से डायवर्ट कर दिया। फिलहाल रैगर समाज के प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच वार्ता जारी है। प्रशासन हालात को नियंत्रित करने और समाधान निकालने की कोशिश में जुटा है।
मृतक पंकज के पिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। बताया- 24 मार्च 2025 को रोज की तरह वह और उनकी पत्नी सोमवार सुबह 8:00 बजे मजदूरी के लिए घर से निकले थे। उनकी दो बेटियां सुबह 10:00 बजे स्कूल जाती हैं, जबकि उनका बेटा पंकज एक निजी स्कूल में कक्षा 9 का छात्र था। घर के मुख्य गेट की चाबी उनके पास और उनकी पुत्री के पास रहती थी।
दोपहर 3:30 बजे उनकी पत्नी जब रोज की तरह काम खत्म कर घर पहुंचीं, तो मुख्य गेट का ताला बंद मिला। इस पर वह अपनी मां के घर चली गईं। बाद में जब बेटियां स्कूल से लौटीं, तो उन्होंने मुख्य गेट का ताला खोलकर घर में घुसी। अंदर जाते ही देखा कि अलमारी का ताला खुला हुआ था और कमरे में कपड़े बिखरे हुए थे। पहले उन्होंने सोचा कि बेटा सो रहा होगा, इसलिए ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
इसी दौरान उनकी बेटी ने खून बिखरा हुआ देखा और मां को बताया। जब उन्होंने बेटे को देखा, तो वह बेसुध पड़ा था। पहले लगा कि वह बक्से से गिरकर घायल हो गया है, लेकिन जब उसे उठाने की कोशिश की तो उसका शरीर अकड़ चुका था। सिर पर गहरी चोट के निशान थे। बेटे की हालत देखकर उन्होंने पड़ोसियों को बुलाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पीड़ित परिवार को आशंका है कि अज्ञात व्यक्तियों ने उनके बेटे की निर्मम हत्या की है। मृतक के पिता ने अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।