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पदोन्नति से वंचित दिव्यांग उप प्राचार्यों की पीड़ा: पदस्थापन व पदोन्नति की मांग


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पदोन्नति से वंचित दिव्यांग उप प्राचार्यों की पीड़ा: पदस्थापन व पदोन्नति की मांग

दिव्यांगजन की पीड़ा ‌ बताया दिशा हीन बजट

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : जिला मुख्यालय पर राजस्थान दिव्यांग जन संघर्ष समिति के अनुसार राजस्थान सरकार द्वारा दिव्यांग कार्मिकों को पदोन्नतियों में चार प्रतिषत आरक्षण सन् 2021 से दिया गया है परन्तु विभाग द्वारा हाल ही में की गई प्राचार्य डीपीसी 2023-24 में 280 दिव्यांगों को पदोन्नति से वंचित कर मौलिक अधिकारों पर कुठाराघात किया गया है। दिव्यांग विपुल शर्मा ने बताया समिति ने सरकार व विभाग को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि माननीय न्यायालय के निर्णयानुसार नियमित प्राचार्य डीपीसी वर्ष 2023-24 को संशोधित कर पदोन्नति से वंचित 280 दिव्यांगों को शामिल कर प्राचार्य काउंसलिंग करवायी जाए समिति ने मांग की है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 2022 में शिक्षण व्यवस्था में सुधार को मद्देनज़र रखते हुए पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी विद्यालयों एवं 275 नामांकन वाले विद्यालयों में उप प्राचार्य के 12421 पद सृजित कर व्याख्याता से उप प्राचार्य पद पर पदोन्नति के आदेश 21 फरवरी 2023 को जारी कर 9998 व्याख्याता पदोन्नत किए गये थे एवं विभाग द्वारा विद्यालयों में पदस्थापन करने हेतु 15 अप्रेल 2023 को काउंसलिंग कार्यक्रम जारी किया गया तथा सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गईं परन्तु आरपीएससी 2015-16 के व्याख्याताओं द्वारा वरिष्ठता को लेकर दायर याचिका में 5 मई 2023 को पदस्थापन पर माननीय न्यायालय के स्थगन आदेश पर विभाग ने 12 मई 2023 को काउंसलिंग प्रक्रिया को स्थगित किया था । एक साल बीतने के बाद 24 मई 2024 को न्यायालय ने उप प्राचार्य वरिष्ठता क्रमांक 5712 तक व इसके अलावा प्राथमिकता श्रेणी के दिव्यांग, महिला, असाध्य रोग से पीड़ित 1641 उप प्राचार्यो के हितों को मद्देनज़र रखते हुए काउंसलिंग करवाकर पदस्थापन करने के आदेश दिए थे। 24 मई 2024 के आदेश की अनुपालना में 5712 एवं प्राथमिकता श्रेणी के 1641 उप प्राचार्य ‌ और रॉयल विकलांग‌ विकास संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष अख्तर खान रुकन खानी ने बताया की ‌ दिव्यांगो के ₹100 बढ़ाकर ‌ सरकार ने हम विकलांगों का मजाक उड़ाया है जब कि । पूर्व सरकार ने कहा था 15% बढ़ाएंगे ‌ इस सरकार ने हमारा मजाक बनाया है और यह बजट दिशाहीन है। इसी क्रम में ‌ संस्था के मीडिया प्रभारी शफीक कुरैशी ने कहा ‌ सरकार ने बजट में ‌ दिवांगजन का कोई ख्याल नहीं रखा गया है। और नौकरियों में भी कोई व्यवस्था नहीं की है।

अख्तर खान रुकन खानी
शफीक कुरैशी

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