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जोधपुर के उम्मेद क्लब में हास्य कवि सम्मेलन:एहसान कुरैशी सहित कई कवि आए, महिला सशक्तिकरण और देशप्रेम का दिया संदेश


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जोधपुर के उम्मेद क्लब में हास्य कवि सम्मेलन:एहसान कुरैशी सहित कई कवि आए, महिला सशक्तिकरण और देशप्रेम का दिया संदेश

जोधपुर के उम्मेद क्लब में हास्य कवि सम्मेलन:एहसान कुरैशी सहित कई कवि आए, महिला सशक्तिकरण और देशप्रेम का दिया संदेश

जोधपुर : गुलाबी ठंड में जोधपुर के उम्मेद क्लब के गार्डन में गुरुवार शाम आयोजित विराट हास्य कवि सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण, देशप्रेम और बदलते युग में संस्कारों को बचाने का संदेश दिया गया।

अहसान कुरैशी, राम अकेला, दिनेश बावरी, रोहित जैसे हास्य कवियों ने क्लब मेंबर और गेस्ट को खूब गुदगुदाया। किसी ने पॉलिटिक्स को हथियार बना व्यंग्य बाण छोड़े तो किसी ने मोबाइल के दुष्परिणाम पर निशाना साधा। युग परिवर्तन के दौर में शहर और गांव का अंतर बता ये जाहिर किया कि जब गांव में थे, तब हम असल में भावों से भरे इंसान थे। जब से हाईटेक हुए तो दिमागी रूप से अंधकार में जी रहे हैं।

मध्यप्रदेश के कवि और मुंबई में रह रहे दंपत्ती एहसास कुरैशी व जीनत ने काव्य की रचनाओं से देश के माहौल को बयां किया। एहसान कुरैशी ने कविता अच्छे-बुरे का ज्ञान रखते हैं हम, अपने अतिथियों का ध्यान रखते हैं हम… सुनाकर देश प्रेम का संदेश दिया।

राजनेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि रावण दहन कार्यक्रम में भ्रष्ट नेता को बुलाया गया और नेताजी ने जैसे ही अग्निबाण चलाया तो एक राम भक्त जोर से चिल्लाया, हे भगवान कैसे-कैसे भ्रष्ट दिखा रहा है, एक रावण दूसरे रावण को जला रहा है… तो श्रोताओं के ठहाके गूंज उठे।

क्लब मेंबर्स ने कवियों की रचनाएं सुन कर जम कर ठहाके लगाए।
क्लब मेंबर्स ने कवियों की रचनाएं सुन कर जम कर ठहाके लगाए।

मुंबई से हास्य कवि दिनेश बावरा ने आज के हाईटेक युग की प्रशंसा की वहीं बच्चे-बच्चे के हाथ में मोबाइल को खतरा बताते हुए काव्य पढ़ा। इस दुनिया को खतरा, न चीन, न पाकिस्तान, न इजरायल से है। इस दुनिया को खतरा आज के समय में जेब में रखे मोबाइल से है… को प्रस्तुत किया। उन्होंने मिमिक्री अंदाज में भी कई काव्य रचनाएं सुनाई।

युवा कवि रोहित शर्मा ने बताया- काव्य विरासत में अपने पिता प्रकाया पपलू से मिला। हाल में उन्हें हास्य की तोप से नवाजा गया। उन्होंने युग बदलाव और ऐसे में हम क्या पा रहे हैं और क्या खो रहे हैं… पर रचनाएं प्रस्तुत की।

उन्होंने सुनाया कि जब हम अनपढ़ थे तो गांव में रहते थे, पढ़े लिखे हो गए तो हम तनाव में रहते हैं.. तो खूब तालियां बजी। हास्य और व्यंग्य की कविताओं के बाद माइक कवयित्री जीनत कुरैशी ने संभाला। श्रोताओं ने उनकी रचनाओं से महिला में छुपे उन किरदारों को महसूस किया जो सभी की मां, बहन, पत्नी और बेटी में मौजूद रहते हैं।

दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई।
दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई।

कुरैशी ने महिला की ताकत को बयां करने वाली कविता का सुनाया। ममता का महकता हुआ गुलजार है औरत, बदले पे उतर आए तो तलवार है औरत…तो श्रोताओं ने जमकर दाद दी। कवियों ने अपनी बेहतरीन कविताओं के संकलन को प्रस्तुत किया।

संचालन कर रहे कवि डॉ. राम अकेला ने ताजा मुद्दों के अलावा युवाओं पर भी कविताएं प्रस्तुत की। शुरुआत में क्लब के अध्यक्ष हंसराज बाहेती व मानद सचिव कपिल गुप्ता ने स्वागत रस्म निभाई। इस मौके पर क्लब के सह सचिव पृथ्वी सिंह भाटी, वाइस प्रेसिडेंट प्रथम जयंत मुरझानी, वाइस प्रेसिडेंट िद्धतीय अनिल वर्मा, कपिल पटवा सहित अनेक मेंबर्स मौजूद थे।

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