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आम आदमी की पीड़ा:पहले गिरदावर 100 रुपए में करता था प्रॉपर्टी का वैरिफिकेशन, अब 3000 रुपए तक वसूल रहे


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आम आदमी की पीड़ा:पहले गिरदावर 100 रुपए में करता था प्रॉपर्टी का वैरिफिकेशन, अब 3000 रुपए तक वसूल रहे

आम आदमी की पीड़ा:पहले गिरदावर 100 रुपए में करता था प्रॉपर्टी का वैरिफिकेशन, अब 3000 रुपए तक वसूल रहे

जयपुर : सरकार ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए प्रदेश में प्रॉपर्टी वैरिफिकेशन के नियमों में बदलाव किया है। पिछले छह माह से रजिस्ट्रार विभाग 50 लाख से ज्यादा की रजिस्ट्री करवाने वालों से 500 से लेकर 3000 रुपए तक ले रहा है। 1 अप्रैल से 30 अगस्त तक प्रदेश में करीब 2 लाख 72 हजार 800 लोगों ने रजिस्ट्री करवाई है, जिनसे मौका निरीक्षण के नाम पर रजिस्ट्रार विभाग 12 करोड़ 20 लाख रुपए वसूल चुका है। जबकि मार्च से पहले 25 लाख रुपए से ज्यादा भी प्रॉपर्टी का वैरिफिकेशन मात्र 100 रुपए में गिरदावर कर देता था।

खास बात ये है कि रजिस्ट्रार विभाग ने इस वसूली की भूमिका पिछले साल मई में ही बना ली थी। प्रदेश के 17 सर्किलों के 576 सब रजिस्ट्रार ऑफिसों में 1728 मौका निरीक्षकों की भर्ती के लिए 3 मई 2023 काे विज्ञप्ति भी निकाली दी थी। जनवरी 2024 में मौका निरीक्षकों को ट्रेनिंग भी दे दी थी, लेकिन नियुक्ति नहीं देकर शुल्क वसूली शुरू कर दी। रजिस्ट्रेशन पर 30% सरचार्ज पहले से पहले रजिस्ट्रेशन करवाने पर प्रॉपर्टी पर डीएलसी कीमत की 6 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी लगती है। इस पर स्टांप ड्यूटी का 30% सरचार्ज (गोशाला, पर्यावरण, एसडी, एससी) लगता है। इसके अलावा 1 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन फीस और 300 रुपए सीएसआई भी देनी होती है। ऐसे में प्रॉपर्टी की कीमत का कुल 7.8% रजिस्ट्री चार्ज लगता है। अब- मौका निरीक्षण के 500 से 3000 रुपए लिए जा रहे हैं।

मार्च से मौका निरीक्षण दरें: विभाग ने प्रति मौका निरीक्षण फीस की दरें भी निर्धारित की हैं। इसमें मौका निरीक्षण को निर्माण की वैल्यूएशन रिपोर्ट ऑनलाइन देनी हाेगी। रिपोर्ट के साथ लोकेशन व फाेटाे भी अपलोड करनी हाेगी।

50 लाख रुपए तक की सम्पत्ति के 500रुपए, मौके पर निर्माण है ताे 1000 शुल्क। {50 लाख से ~10 कराेड़ तक के 1500 रुपए, मौके पर निर्माण है ताे 2000 रुपए {10 कराेड़ रुपए से अधिक की सम्पत्ति के 2500 रुपए, निर्माण है ताे 3000 रुपए शुल्क।

भवन निर्माण और डीएलसी दर में हेरफेर रोकने निकाली थी मौका निरीक्षक भर्ती: रजिस्ट्रेशन शुल्क के हेरफेर काे रोकने के लिए इन मौका निरीक्षकों की नियुक्ति की बात कही थी। 1728 मौका निरीक्षकों को 9 माह पहले प्रशिक्षण भी दिया था, लेकिन तब से ये नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, 6 माह पहले विभाग ने मौका निरीक्षक शुल्क शुरू कर दिया। इसमें बड़ा सवाल ये है कि विभाग ये निरीक्षण करवा किससे से रहा है। बिना निरीक्षक हर माह करीब 2 करोड़ रुपए वसूले जा रहे हैं।

एेसे वसूले 12.20 कराेड़ रुपए जयपुर सर्किल में हाेने वाली 90 प्रतिशत रजिस्ट्रियां 50 लाख से अधिक कीमत की हाेती है। यानी 1080 रजिस्ट्रियों में 500 से 3000 हजार रुपए शुल्क जमा हाेता है। एेसे में अकेले जयपुर में ही 500 से 1000 रुपए प्रति रजिस्ट्री का गिना जाए ताे 5.40 लाख रुपए प्रति कार्य दिवस में शुल्क जमा हाेता है।

आधी रजिस्ट्री जयपुर में हो रही प्रदेश में हर माह करीब 2200 रजिस्ट्रियां होती हैं। इनमें से 1200 जयपुर में होती है। मार्च से अगस्त 2024 तक के 124 कार्यदिवसों में रजिस्ट्रार विभाग के जयपुर नगर निगम क्षेत्र के 15 सब रजिस्ट्रार ऑफिसाें में 1252 कराेड़ 43 लाख रुपए की राजस्व आय हुई है।

प्राइवेट मौका निरीक्षक लेने थे, अभी नहीं लिए

पंजीयन मुद्रांक विभाग में प्राइवेट मौका निरीक्षक लेने थे, लेकिन अभी नहीं लिए हैं। मार्च-2024 से पहले 25 लाख रुपए से अधिक कीमत की प्रॉपर्टी की मौका निरीक्षण फीस 100 रुपए थी, अब 50 लाख रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी की मौका निरीक्षण फीस 500 रुपए से अधिक है। ~ दिनेश शर्मा, सब रजिस्ट्रार-10, जयपुर

पंजीयन मुद्रांक विभाग में मौका निरीक्षकों की नियुक्ति किए बिना ही विभाग 6 माह से 500 रुपए से अधिक की फीस ले रहा है। ~ अखिलेश जाेशी, महासचिव दी डिस्ट्रिक एडवोकेट्स बार एसोसिएशन, जयपुर

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