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महिपाल मकराना बोले- राजपूत समाज किसी पार्टी का बंधुआ मजदूर नहीं, बीजेपी ने राजपूतों की उपेक्षा की


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महिपाल मकराना बोले- राजपूत समाज किसी पार्टी का बंधुआ मजदूर नहीं, बीजेपी ने राजपूतों की उपेक्षा की

राष्ट्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने राजस्थान सहित पूरे देश में राजपूत समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा, बीजेपी द्वारा राजपूत समाज की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें कि अलवर पहुंचे मकराना ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए यह बात कही।

अलवर : राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना अलवर पहुंचे। जहां उनका राजपूत समाज ने माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद वह एक निजी होटल में पहुंचे। जहां उन्होंने मीडिया को संबोधित किया और कहा कि राजपूत समाज किसी भी पार्टी का बंधुआ मजदूर नहीं है। इसके अलावा समाज ने बीजेपी को सीचा और मजबूत किया और बीजेपी के नेताओं ने समाज की टिकट को काटने के अलावा कोई काम नहीं किया।

महिपाल मकराना ने कहा, बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने पार्टी के लिए क्या नहीं किया। शुरू से भाजपा के अंदर रहकर पार्टी को मजबूत बनाने का काम किया, उसके बाद भी उनको मौका नहीं दिया गया। राज्यसभा चुनकर गए बिट्टू सिंह चार महीने पहले कांग्रेस से आए, इसके बाद भी उनके अंदर कौन सा सितारा जड़ा हुआ है। जबकि चालीस साल से अधिक राजेंद्र राठौड़ पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, उनको दरकिनार कर दिया। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भैरो सिंह शेखावत के बाद समाज के नेता राजेंद्र राठौड़ हैं, जिनके कहने पर राजपूत समाज एक होकर एक आवाज में वोट करता है। फिर उनको कैसे घर बैठा सकते हैं। इसलिए भाजपा ने समाज की बात नहीं मानी तो महिपाल मकराना और राजपूत समाज का युवा किसी का बंधुआ मजदूर नहीं है और राजनीति बेड़ियां तोड़ने के लिए निकल चुके हैं।

राजपूत समाज ने देश के लिए लड़ाई लड़ी है और राजनीति भी की है। गैंगवार के सवाल पर कहा कि अगर कोई एक बार चैलेंज कर ले फिर पता लग जाएगा कौन कमजोर है और कौन ताकतवर है। राजपूत समाज के खून में शुरू से ही उबाल है और देश के हित के लिए लड़ाई भी लड़नी पड़े तो लड़ाई भी लड़ती है। उन्होंने कहा कि राजपूत करणी सेना का राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं और भाजपा और कांग्रेस का गुलाम नहीं हूं और राजपूत समाज के लिए लड़ाई लड़ता हूं। राजेंद्र राठौड़ के लिए प्रभारी ने जो शब्द कहे, उसके लिए प्रभारी माफी मांगे और उसको हटाया जाए। उन्होंने कहा, पहले जनरल बीके सिंह की टिकट को काटा। उनके समर्पण में क्या कमी थी। इसके अलावा नरेंद्र सिंह तोमर को मुख्यमंत्री की लॉलीपॉप देकर क्यों विधायक बनाकर बैठा दिया गया। इस तरह समाज के नेताओं के साथ जो भेदभाव होगा, वह राजपूत करणी सेवा बर्दाश्त नहीं करेगा।

सिख समाज की भावनाएं आहत
गुरमत प्रचार कमेटी की ओर से एक बैठक कर भाजपा की सांसद कंगना रनौत द्वारा सिख समाज की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है। समाज का कहना है कि कंगना द्वारा एक फिल्म बनाई गई है, जिसकी डायेक्टर और एक्टर वह खुद हैं और इस फिल्म का नाम इमरजेंसी दिया गया है। इस फिल्म में सिख समाज की छवि को खराब किया गया है, जिससे सिख समाज की भावनाओं को आघात पहुंचाया गया है। इस फिल्म में दिखाए गए सीन में कुछ सिख समाज के लोग बस में चढ़ते हैं और उनको खालिस्तानी ओर आतंकवादी नाम देते आ रहे हैं। उस समय तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भी ऐसा किया और अब भाजपा की सांसद कंगना रनौत द्वारा किया जा रहा है, जो काफी निंदनीय है।

उन्होंने कहा, सिख समाज हमेशा बीजेपी को समर्पित समाज रहा है और आने वाली पीढ़ी जब इस फिल्म को देखेगी तो हिन्दू और सिख भाई चारे को खतरा है, नतीजा बाद में भयंकर आने वाला है। क्योंकि इससे जो खाई बनेगी, उसको भर नहीं पाएंगे। इसलिए बैठक आयोजित की गई है, जब यह फिल्म आएगी तो सिख समाज एकजुट होकर फिल्म का विरोध करेगा। इसके अलावा सिख समाज अपने लेटर पर लिखकर शहर के सभी फिल्म हॉल और थियेटर पर विरोध स्वरूप देकर विरोध दर्ज कराएगा कि इस फिल्म को नहीं लगाए, जिससे कि समाज की भावनाओं को आघात पहुंचे। इसके अलावा इस फिल्म में काम करने वाले लोगों के खिलाफ सिख समाज एफआईआर दर्ज करवाएगा। क्योंकि हिन्दू और सिख का हमेशा से भाईचारा बना हुआ है और यह लोग इसमें सेंध लगाना चाह रहे हैं। इसलिए ऐसा बिल्कुल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा सिख समाज का आजादी से पहले और आजादी के बाद देश में काफी योगदान रहा है। यह सिख समाज की कौम मार्शल कौम के नाम से जानी जाती है।

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