कोलकाता में रेजिडेंट से बर्बरता और हत्या का विरोध:रेजिडेंट सहित डॉक्टर्स हड़ताल पर, 80 फीसदी मरीज कम भर्ती, आईपीडी में नहीं मिला इलाज
कोलकाता में रेजिडेंट से बर्बरता और हत्या का विरोध:रेजिडेंट सहित डॉक्टर्स हड़ताल पर, 80 फीसदी मरीज कम भर्ती, आईपीडी में नहीं मिला इलाज
जयपुर : कोलकाता में रेजीडेंट के साथ दुष्कर्म और फिर हत्या के विरोध में एसएमएस मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध सभी अस्पतालों में रेजीडेंट ने हड़ताल जारी रखी। जूनियर रेजिडेंट के साथ सीनियर रेजिडेंट के हड़ताल पर जाने की वजह से अस्पतालों में मरीजों की हालत खराब हो गई।
एसएमएस, जेके लोन, महिला, गणगौरी व कांवटिया सहित अन्य सभी अस्पतालों में ओपीडी में तो सीनियर डॉक्टर और सीनियर रेजिडेंट ने मरीजों को देखा, लेकिन अपराह्न करीब चार बजे बाद सीनियर रेजिडेंट के भी हड़ताल पर चले जाने से आईपीडी के मरीजों को भी इलाज मिलना मुश्किल हो गया।
हड़ताल को देखते हुए सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 50 चिकित्सा अधिकारियों को एसएमएस भेजा और काम पर लगाया। ये सभी एमओ पिछले काफी समय से एपीओ थे। मामले को लेकर एसीएस शुभ्रा सिंह ने आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी डॉक्टर विधिवत पदस्थापन होने तक एसएमएस में सेवाएं देंगे। घटना के विरोध में सभी डॉक्टर्स और मेडिकल एसोसिएशन ने रैली निकाली। एसएमएस मेडिकल कॉलेज से लेकर त्रिमूर्ति सर्किल तक रैली निकाली और विरोध जताया।
इमरजेंसी प्रभावित, आज भी ऑपरेशन टलना तय
मंगलवार सीनियर डॉक्टर्स को मोर्चा संभालना पड़ा और अति गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया गया। सामान्य दिनों की तुलना में एसएमएस और जेके लोन में मंगलवार को 80 फीसदी कम मरीज भर्ती किए गए। रात को हड़ताल वापिस लेने से बुधवार से व्यवस्थाए सामान्य होगी।
मांगों को लेकर रेजिडेंट मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी के चैंबर में घुस गए और 1 घंटे खाली नहीं किया। सूचना मिलने पर प्रिंसिपल कॉलेज पहुंचे और रेजिडेंट्स को भरोसा दिलाया कि सभी मांगें मानी जाएंगी।
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