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9 से 17 अप्रैल 2024 तक आयोजित होगा जीणमाता का चैत्र नवरात्रि मेला


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9 से 17 अप्रैल 2024 तक आयोजित होगा जीणमाता का चैत्र नवरात्रि मेला

जिला कलेक्टर ने बैठक लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : सुभाष चन्द्र चौबदार

सीकर : जीणमाता का चैत्र नवरात्रि मेला 9 अप्रैल से शुरू होकर 17 अप्रैल तक चलेगा। मेले की पूर्व तैयारियों के संबंध में जिला कलेक्टर कमर उल जमान चौधरी एवं एसपी भुवन भूषण यादव ने संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर पहुंचकर निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

बैठक में एसडीएम दांतारामगढ़ गोविंद सिंह भींचर ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों से सम्पूर्ण मेले की निगरानी की जाएगी। इस दौरान उन्होंने मंदिर कमेटी को निर्देशित किया कि वर्तमान में लगे कैमरे पुराने हैं इसलिए इनकी जगह एचडी कैमरे लगाए जाएं।

उन्होंने बताया की मेले के दौरान दो कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे जिनमें एक कंट्रोल रूम पुलिस थाना और दूसरा कंट्रोल रूम मेला मजिस्ट्रेट कार्यालय में बनेगा। यहां सीसीटीवी कैमरा की लाइव फीड भी रहेगी। जिससे कि पूरे मेले पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही एग्जिट गेट पर अनाउंसमेंट सेंटर भी बनाया जाएगा।

ये रहेंगी व्यवस्थाएं:

मंदिर के एंट्री गेट से 500 मीटर दूर पार्किंग बनाई जाएगी। विकलांगों को ई-रिक्शा द्वारा पार्किंग से एंट्री गेट तक लाया जाएगा तथा यहां से उन्हें व्हीलचेयर के जरिए मंदिर में दर्शनों के लिए ले जाया जाएगा। पीडब्ल्यूडी और वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से सर्वे किया गया, जिसमें सामने आया कि तीन से चार धर्मशालाएं पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। ऐसे में मेले से पहले ही उन्हें सीज कर दिया जाएगा। मेले के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सीकर द्वारा चार अस्थाई मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे।मेले के दौरान हर्ष से जीणमाता की तरफ आने वाले रास्ते पर खड़े वाहनों को हटाने के लिए 3 क्रेन की व्यवस्था की जाएगी। जिला कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया कि कोछोर से डूकिया तक सड़क का जो काम बाकी है उसे 10 दिन में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही अन्य सड़कों का भी पेचवर्क कार्य अतिशीघ्र पूरा किया जाए।

जिला कलेक्टर ने बीते दिनों उज्जैन के महाकाल मंदिर में हुए हादसे का उदाहरण देते हुए कहा कि मंदिर परिसर में जो भी विद्युत के पुराने या खुले तार है,उनकी बिजली विभाग और पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चेकिंग कर तथा इसकी रिपोर्ट बुधवार शाम तक तैयार की जाए, जिससे कि मेले से पहले उन्हें बदला जा सके।बैठक में एसई पीएचईडी को निर्देश दिए गए कि मेले के दौरान पेयजल की कमी नहीं रहे। जीणमाता मंदिर कमेटी ने जो नए पेयजल कनेक्शन मांगे हैं उन्हें अतिशीघ्र दिए जाए, ऐसा नही हो कि मेले के दौरान पेयजल की कमी होने पर लोगों द्वारा विभाग के कार्मिकों को तलाशना पडे। बैठक के दौरान मौजूद लोगों ने मांग रखी की काजल शिखर पर भी एक मेडिकल कैंप लगाया जाए। इसके अलावा मेले के दौरान आने वाली नेटवर्क की समस्या को दूर करने के लिए मोबाईल टॉवर लगाए जाए ताकि कनेक्टिविटी बनी रहें।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव, एडीएम सीकर रणजीत सिंह, सीईओ जिला परिषद नरेंद्र सिंह पुरोहित, एडीएम सीटी हेमराज परिडवाल, एसई पीडब्ल्यूडी प्रहलाद सिंह, एसई पीएचईडी चुनीलाल भास्कर, सीएमएचओ डॉ. निर्मल सिंह, सहायक निदेशक जनसंपर्क पूरणमल सहित मंदिर कमेटी के सदस्य सुरेन्द्र पारासर, दिनेश पारासर, सीताराम पाराशर, जुगलकिशोर पाराशर, दीपक एसएल पाराशर, जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहें।

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