जयपुर की तुलसी मीणा ने फतह किया अफ्रीका का सर्वोच्च शिखर किलिमंजारो
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के सहयोग से पहली अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण मुहिम में रचा इतिहास, शिखर पर तिरंगा फहराकर दिया ‘बेटी बचाओ, बेटियों को आगे बढ़ाओ’ का संदेश
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : आजाद अहमद खान
जयपुर/खेतड़ी नगर : राजस्थान के जयपुर जिले के जमवारामगढ़ क्षेत्र की युवा आदिवासी पर्वतारोही तुलसी मीणा ने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण मुहिम में अफ्रीका के सर्वोच्च पर्वत माउंट किलिमंजारो पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर भारतीय तिरंगा फहराया। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के तहत मिले सहयोग से उन्होंने 31 अक्टूबर 2026 को समुद्र तल से 19,341 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस शिखर पर पहुंचकर इतिहास रचा। तुलसी की यह उपलब्धि केवल एक पर्वत की चोटी तक पहुंचने की सफलता नहीं है, बल्कि उन बेटियों के सपनों और हौसलों का प्रतीक भी है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का संकल्प रखती हैं।
शिखर पर भारतीय तिरंगा फहराने के साथ तुलसी मीणा ने ‘सेव गर्ल चाइल्ड’ यानी ‘बेटी बचाओ, बेटियों को आगे बढ़ाओ’ का संदेश दुनिया तक पहुंचाया। उन्होंने अपनी इस पर्वतारोहण मुहिम को महिला सशक्तिकरण और बेटियों को समान अवसर देने के सामाजिक उद्देश्य से जोड़ा। उनका संदेश है कि बेटियों को भी बड़े सपने देखने, कठिन चुनौतियों का सामना करने और अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। तुलसी ने इस अभियान में सहयोग और समर्थन देने के लिए हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी के सहयोग के बिना वह यह उपलब्धि हासिल नहीं कर पातीं।

27 अक्टूबर को शुरू हुआ था अंतरराष्ट्रीय अभियान
तुलसी मीणा के पर्वतारोहण अभियान की शुरुआत 27 अक्टूबर 2026 को तंजानिया के मोशी शहर से हुई। 360 एक्सप्लोरर की ओर से आयोजित इस अभियान में उन्होंने कठिन पर्वतीय परिस्थितियों का सामना करते हुए 31 अक्टूबर को किलिमंजारो के शिखर पर पहुंचने में सफलता हासिल की। यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियान था। पहली ही अंतरराष्ट्रीय मुहिम में अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराना उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही।
माउंट किलिमंजारो समुद्र तल से लगभग 19,341 फीट ऊंचा है। यह अफ्रीकी महाद्वीप का सबसे ऊंचा पर्वत होने के साथ दुनिया का सबसे ऊंचा स्वतंत्र पर्वत भी है। इसकी चढ़ाई के दौरान पर्वतारोहियों को बदलते मौसम, अत्यधिक ठंड, कम ऑक्सीजन और शारीरिक थकान जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। तुलसी ने इन परिस्थितियों के बीच अपना लक्ष्य हासिल कर भारतीय तिरंगे के साथ देश और राजस्थान का गौरव बढ़ाया।
कठिन परिस्थितियों में पूरी की चढ़ाई
किलिमंजारो की चढ़ाई के दौरान पर्वतारोहियों को अलग-अलग जलवायु क्षेत्रों से गुजरना पड़ता है। शुरुआत में घने जंगल, इसके बाद ऊंचाई वाले शुष्क क्षेत्र और अंत में बर्फ से प्रभावित शिखर क्षेत्र आता है। ऊंचाई बढ़ने के साथ ऑक्सीजन की उपलब्धता कम हो जाती है। ऐसे में पर्वतारोहियों को तीव्र पर्वतीय बीमारी, अत्यधिक ठंड, निर्जलीकरण और थकान जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
इस तरह के अभियान में उचित प्रशिक्षण, ऊंचाई के अनुकूल ढलने की प्रक्रिया, अनुभवी मार्गदर्शकों का सहयोग और अनुशासित योजना महत्वपूर्ण होती है। तुलसी ने इन चुनौतियों के बीच अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय मुहिम सफलतापूर्वक पूरी कर यह साबित किया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और उचित मार्गदर्शन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।

आदिवासी समाज की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
तुलसी मीणा की यह उपलब्धि विशेष रूप से आदिवासी समाज और ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए प्रेरणादायक है। सीमित संसाधनों के बीच आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियान में सफलता हासिल करना यह संदेश देता है कि प्रतिभा और हौसलों को अवसर मिलने पर बेटियां भी दुनिया के बड़े मंचों पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
तुलसी ने अपनी व्यक्तिगत सफलता को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए बेटियों की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समान अवसरों की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित किया है। ‘बेटी बचाओ, बेटियों को आगे बढ़ाओ’ का संदेश देकर उन्होंने यह बताने का प्रयास किया कि बेटियों को केवल सपने देखने का ही नहीं, बल्कि उन्हें पूरा करने का अवसर भी मिलना चाहिए। उनका अभियान युवा पीढ़ी, विशेषकर लड़कियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और नई चुनौतियां स्वीकार करने के लिए प्रेरित करने वाला है।
आनंद बनसोडे ने की उपलब्धि की सराहना
360 एक्सप्लोरर के संस्थापक और एवरेस्ट विजेता आनंद बनसोडे ने तुलसी मीणा की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तुलसी मीणा जैसे युवा पर्वतारोहियों को माउंट किलिमंजारो जैसे चुनौतीपूर्ण शिखर तक पहुंचने में मार्गदर्शन देना उनके लिए गर्व की बात है। यह तुलसी का पहला अंतरराष्ट्रीय अभियान था और उन्होंने अपने साहस, आत्मविश्वास तथा दृढ़ संकल्प से इसे सफल बनाया। उनकी उपलब्धि अन्य युवाओं, विशेषकर बेटियों को भी अपने सपनों के पीछे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
अगला लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया की सर्वोच्च चोटी
माउंट किलिमंजारो फतह करने के बाद तुलसी मीणा का अगला लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट कोज़ियुस्को पर चढ़ाई करना है। इसके लिए भी वह हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के सहयोग और समर्थन से प्रयास करेंगी। उनकी यह अगली मुहिम अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण के क्षेत्र में आगे बढ़ने की दिशा में एक और कदम होगी।
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की ओर से तुलसी मीणा की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया गया है। कंपनी के सहयोग से पूरी हुई इस मुहिम ने एक युवा पर्वतारोही के सपने को नई ऊंचाई दी है। किलिमंजारो के शिखर पर फहराया गया तिरंगा और बेटियों के सशक्तिकरण का संदेश तुलसी की इस उपलब्धि को खास बनाता है।
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