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बुहाना के हंसास गांव में मतदान का बहिष्कार:मंदिर की जमीन पर बसे होने से विकास कार्य ठप, गांव के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीण


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बुहाना के हंसास गांव में मतदान का बहिष्कार:मंदिर की जमीन पर बसे होने से विकास कार्य ठप, गांव के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीण

बुहाना के हंसास गांव में मतदान का बहिष्कार:मंदिर की जमीन पर बसे होने से विकास कार्य ठप, गांव के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीण

बुहाना : पंचायत राज चुनाव के दौरान बुहाना पंचायत समिति क्षेत्र के हंसास गांव में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। गांव में विकास कार्य नहीं होने से नाराज ग्रामीण मतदान करने के बजाय गांव के बाहर धरने पर बैठ गए।

ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर की जमीन पर गांव बसा होने के कारण विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इस वजह से गांव के विकास के लिए स्वीकृत बजट भी खर्च नहीं हो पाता और वापस लौट जाता है। लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

कई बार अधिकारियों के सामने उठाई समस्या, हर बार मिला आश्वासन

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में विकास कार्य करवाने को लेकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने मांग रखी गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों ने इस बार मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्या के समाधान को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे मतदान नहीं करेंगे।

एसडीएम, तहसीलदार और विधायक ने भी किए समझाने के प्रयास

मतदान बहिष्कार की सूचना मिलने पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को मनाने का प्रयास किया। बुहाना एसडीएम शकुंतला, तहसीलदार बाबूलाल बिजारणियां और विधायक श्रवण कुमार भी ग्रामीणों से मतदान करने की अपील कर चुके हैं। इसके बावजूद ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि अब वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस निर्णय चाहते हैं।

करीब 100 घरों की आबादी, 412 मतदाताओं पर नजर

हंसास गांव बुहाना तहसील की झांझा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है। गांव में करीब 100 घर हैं और कुल 412 मतदाता हैं। ऐसे में मतदान बहिष्कार के फैसले से प्रशासन के सामने ग्रामीणों को मतदान के लिए राजी करने की चुनौती खड़ी हो गई है। ग्रामीणों की मांग है कि मंदिर की जमीन पर गांव बसा होने के कारण विकास कार्यों में आ रही बाधा का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि गांव में सड़क, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य हो सकें।

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