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पंचायत चुनाव: 2026-ग्राउंड रिपोर्ट : 20 हजार की आबादी वाली इस्लामपुर पंचायत में 8400 मतदाता चुनेंगे गांव की सरकार


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पंचायत चुनाव: 2026-ग्राउंड रिपोर्ट : 20 हजार की आबादी वाली इस्लामपुर पंचायत में 8400 मतदाता चुनेंगे गांव की सरकार

सीएचसी में रात के समय डॉक्टरों का ठहराव नहीं होना ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या वहीं मेघवाल बस्ती के लोग 25 साल से झेल रहे हैं गंदे पानी के भराव की समस्या

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद आरिफ चंदेल

इस्लामपुर : झुंझुनू पंचायत समिति की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत होने के बावजूद भी इस्लामपुर ग्राम पंचायत आज मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। करीब 20 हजार की आबादी और 8400 मतदाताओं वाली इस पंचायत में भामाशाह चेतराम खूबचंद लाठ के परिजनों की ओर से सीएचसी के लिए 3500 वर्ग गज जमीन डोनेट की गई है और उस पर सरकार की ओर से आलीशान भवन बनकर भी तैयार हो गया है मगर वहां पर रात के समय डॉक्टरों का ठहराव नहीं होना ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। साथ ही मेघवाल बस्ती में लगभग 25 साल से गंदे पानी के भराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। मेघवाल बस्ती के लोग आज भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सीएससी में रात के समय डॉक्टरों का ठहराव और मेघवाल बस्ती से जल भराव की समस्या का निराकरण करवाना ग्रामीणों के प्रमुख मुद्दे हैं। उनका कहना है कि हम इस बार उन्हें चुनेंगे जो हमारी इन गंभीर समस्याओं का निराकरण कर सके।

आमीन मनियार निवर्तमान सरपंच हैं। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को 666 वोटो से हराया था। इनके कार्यकाल को कुल मिलाकर ठीक-ठाक माना जा रहा है।

इस बार चुनाव में इस्लामपुर पंचायत में ये हैं बड़े मुद्दे :-

सीएचसी में डॉक्टरों का ठहराव ओर पर्याप्त सुविधाएं नहीं

भामाशाह चेतराम खूबचंद लाठ के परिजनों की ओर से सीएचसी के लिए 3500 वर्ग गज जमीन डोनेट की गई थी। सरकार की ओर से उस पर आलीशान भवन बनाकर तैयार कर दिया गया मगर सीएचसी में रात के समय डॉक्टरों का ठहराव नहीं होना ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। साथ ही सीएचसी में एक्स-रे मशीन और एंबुलेंस की व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है।

रोडवेज बस सेवा से वंचित पंचायत

काफी बड़ी पंचायत होने के बावजूद भी इस्लामपुर कस्बा आज भी रोडवेज बस सेवा से वंचित है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 30 साल पहले कस्बे में रोडवेज बसों का संचालन होता था और आज लगभग दुगनी आबादी होने के बावजूद भी कस्बे में रोडवेज बसों का संचालन नहीं होना ग्रामीणों के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार ऐसे सरपंच का चुनाव करेंगे जो इन गंभीर मुद्दों के लिए आवाज बुलंद कर सके।

मेघवाल बस्ती में 25 साल से गंदे पानी के भराव की समस्या

कस्बे की मेघवाल बस्ती में लगभग 25 साल से गंदे पानी के जल भराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। बस्ती के लोग आज भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। पूर्व जिला कलेक्टर यूडी खान तक ने मेघवाल बस्ती का दौरा कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया मगर आज भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।

पंचायत की सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे

ग्राम पंचायत इस्लामपुर की सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे है। कस्बे की मुख्य सड़के और गालियां आज भी सीसीटीवी कैमरों से वंचित है जिससे रात के समय आपराधिक गतिविधियां होने का अंदेशा बना रहता है। ग्रामीण चाहते हैं कि मुख्य सड़कों और गलियों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था हो ताकि आपराधिक गतिविधियों से बचा जा सके।

प्राचीन हवेलियों की अनदेखी और उपेक्षा

इस्लामपुर कस्बे में आज भी माहेश्वरी रोड पर काफी संख्या में प्राचीन हवेलिया हैं जो पंचायत की खूबसूरती है। अनदेखी और उपेक्षा के चलते आज ये प्राचीन हवेलियां खंडर होती जा रही हैं। इन प्राचीन हवेलियों को संवार कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए तो पंचायत की खूबसूरती में चार चांद लग सकते हैं।

युवाओं के लिए दिखावा मात्र बनकर रह गया खेल मैदान

इंदौखला जोहड़ में विधायक कोटे से खेल मैदान और उसकी चार दिवारी की व्यवस्था कर दी गई लेकिन ग्राम पंचायत की अनदेखी के चलते खेल मैदान में बड़ी-बड़ी कंटीली झाड़ियां और घास उगी हुई है। पर्याप्त सुविधा और उपकरण नहीं होने से युवाओं को खेल मैदान का पर्याप्त और उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। खेल मैदान में सफाई, उपकरण और ओपन जिम की व्यवस्था करवाना युवाओं के प्रमुख मुद्दे हैं।

उपेक्षा की शिकार न्यू बहार कॉलोनी

इस्लामपुर-माखर सीमा पर स्थित न्यू बाहर कॉलोनी आज भी उपेक्षा का शिकार बनी हुई है। इस कॉलोनी में माखर और इस्लामपुर दोनों पंचातों के लोग निवास करते हैं जिसके चलते कॉलोनी के वासिंदे आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। चुनाव के समय दोनों पंचायतों के उम्मीदवार वोट की भीख मांगते नजर आते हैं मगर जब उनके सामने समस्या रखी जाती है तो “हमारी पंचायत का क्षेत्र” नहीं होने का बहाना बनाकर टरका दिया जाता है जिसके चलते कॉलोनी के लोग आज भी जल भराव, नालियां और सड़क जैसी सुविधाओं से वंचित है।

इनके अलावा भी आवारा पशुओं की समस्या, गौशाला निर्माण, पार्क की व्यवस्था ओर खुला नाला बड़ी समस्या हैं जिनका ग्रामीण समाधान चाहते हैं। उपर्युक्त सभी मुद्दे अलग-अलग विभागों से संबंधित हैं मगर सरपंच इनके लिए प्रयास करे तो आसानी से इनका समाधान हो सकता है।

मेघवाल समाज और मुस्लिम समाज के मतदाता निभाएंगे निर्णायक की भूमिका

इस्लामपुर पंचायत की कुल आबादी लगभग 20 हजार है और इसमें करीब 8400 मतदाता हैं। पुरुष मतदाता 4375 ओर महिला मतदाता 3960 हैं। पंचायत में मेघवाल समाज, मुस्लिम समाज और सैनी समाज के मतदाता ज्यादा होने से गांव की सरकार में इनकी भूमिका अहम होती है। तीनों समाज के मतदाता गांव की सरकार बनाने में निर्णायक की भूमिका निभाते हैं।

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