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भोड़की में खेजड़ी कटाई और मिट्टी खनन पर विवाद:सोलर प्लांट का काम दोबारा शुरू होने से ग्रामीणों में नाराजगी, प्रशासन ने रुकवाया काम


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भोड़की में खेजड़ी कटाई और मिट्टी खनन पर विवाद:सोलर प्लांट का काम दोबारा शुरू होने से ग्रामीणों में नाराजगी, प्रशासन ने रुकवाया काम

भोड़की में खेजड़ी कटाई और मिट्टी खनन पर विवाद:सोलर प्लांट का काम दोबारा शुरू होने से ग्रामीणों में नाराजगी, प्रशासन ने रुकवाया काम

जाखल : भोड़की गांव में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई, निर्धारित पौधारोपण नहीं होने और कथित अवैध मिट्टी खनन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोलर प्लांट का निर्माण कार्य ठेकेदार की तानाशाही से दोबारा शुरू होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों की पालना सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

20 खेजड़ी के पेड़ों की कटाई का मामला

6 फरवरी 2026 को 20 खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के मामले में हल्का पटवारी ने संबंधित पक्ष को पाबंद किया था। वहीं, इसके साथ ही 100 नए पौधे लगाने की शर्त को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्धारित शर्तों के अनुसार पौधारोपण नहीं हुआ है।

बिना अनुमति मिट्टी खनन का आरोप

सोलर प्लांट निर्माण के दौरान बिना अनुमति मिट्टी खनन कर भूमि का समतलीकरण करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से खनन की अनुमति, राजस्व रिकॉर्ड और मौके पर हुए कार्य की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन भी जरूरी है।

निर्माण कार्य शुरू होने पर प्रशासन ने रुकवाया काम

गुढ़ागौड़जी तहसीलदार नारायणराम दहिया ने बताया कि पूर्व में शिकायत मिलने पर संबंधित पक्ष को पाबंद कर काम रुकवा दिया गया था। इसके बाद ठेकेदार ने बिना अनुमति और नियमों का उल्लंघन करते हुए दोबारा काम शुरू कर दिया। शिकायत मिलने पर हल्का पटवारी सहित अधिकारियों को मौके पर भेजकर काम रुकवा दिया गया और संबंधित पक्ष को पाबंद किया गया है।

ग्रामीणों ने राजस्व विभाग, वन विभाग और अन्य सक्षम अधिकारियों से संयुक्त जांच कर पौधारोपण, पेड़ों की कटाई, राजकोष में जमा राशि तथा मिट्टी खनन की अनुमति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।

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