सड़क बनाने के लिए उखाड़ी, बीच में काम छोड़ा:घरों-दुकानों में भर रही धूल, लोग सड़क पर उतरे, आंदोलन की चेतावनी
सड़क बनाने के लिए उखाड़ी, बीच में काम छोड़ा:घरों-दुकानों में भर रही धूल, लोग सड़क पर उतरे, आंदोलन की चेतावनी
झुंझुनूं : झुंझुनूं-बिसाऊ स्टेट हाईवे पर चूरू रोड में नए पुलिए के आगे करीब 3 किलोमीटर सड़क छह महीने से उखड़ी पड़ी है। 39.22 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे हाईवे का काम तीन साल बाद भी पूरा नहीं होने से उड़ती धूल ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।घरों और दुकानों में धूल जमा हो रही है, वहीं अस्थमा पीड़ित महिला की परेशानी भी बढ़ गई है। परेशान लोगों ने प्रशासन व पीडब्ल्यूडी के खिलाफ प्रदर्शन कर जल्द सड़क निर्माण शुरू करने की मांग की। लोगों ने चेतावनी दी कि अब आश्वासन नहीं, सड़क चाहिए; काम शुरू नहीं हुआ तो सड़क जाम कर आंदोलन करेंगे।
छह महीने से सड़क उखड़ी, घरों और दुकानों में भर रही धूल
चूरू रोड पर नए पुलिए के आगे चूरू की तरफ जाने वाले हिस्से में करीब 3 किलोमीटर सड़क को नया बनाने के लिए उखाड़ा गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, छह महीने से इस हिस्से में काम आगे नहीं बढ़ा है। सड़क की खराब हालत के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। वहीं, सड़क किनारे रहने वाले परिवारों और व्यापारियों के लिए दिनभर धूल के बीच रहना मजबूरी बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने के बावजूद धूल अंदर पहुंच जाती है। दुकानों पर रखा सामान धूल से ढक जाता है। सफाई करने के कुछ देर बाद ही दोबारा धूल जमा हो जाती है। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाने के साथ रोजमर्रा के कामकाज में भी परेशानी हो रही है।
अस्थमा पीड़ित पत्नी की परेशानी बढ़ी, बुजुर्ग बोले- खाने में भी मिट्टी
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बताया कि सड़क से उड़ने वाली धूल अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी चिंता भी बन गई है। स्थानीय निवासी प्रदीप ने बताया कि उनकी पत्नी अस्थमा से पीड़ित हैं। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत में सुधार हुआ था, लेकिन पिछले छह महीने से लगातार उड़ रही धूल के कारण उनकी परेशानी फिर बढ़ गई है। घर तक पहुंचने वाली धूल के बीच परिवार के लिए सामान्य दिनचर्या निभाना मुश्किल हो रहा है।
लोगों ने बताया कि धूल घरों के अंदर तक पहुंच रही है। हालात ऐसे हैं कि खाने-पीने की चीजों पर भी मिट्टी जम जाती है। लगातार सफाई करने के बावजूद राहत नहीं मिल रही।

39.22 करोड़ की परियोजना, नौ महीने में पूरा होना था काम
केंद्र सरकार के सेंट्रल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (सीआरआईएफ) के तहत इस स्टेट हाईवे का निर्माण जुलाई 2024 में शुरू हुआ था। परियोजना को नौ महीने में पूरा किया जाना था, लेकिन निर्धारित समय में काम पूरा नहीं हो सका। इसके चलते सड़क निर्माण में देरी का खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
महिलाएं बोलीं- अब आश्वासन नहीं, सड़क चाहिए
विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने सड़क की समस्या पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें जल्द से जल्द राहत चाहिए। लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से परेशानी झेल रहे हैं, लेकिन सड़क का निर्माण पूरा नहीं होने से समस्या जस की तस बनी हुई है।
सड़क जाम करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं किया गया और धूल से राहत देने के इंतजाम नहीं हुए, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे और सड़क जाम करने को मजबूर होंगे।
करीब 39.22 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना का काम तय समय में पूरा क्यों नहीं हो सका और सड़क उखाड़ने के बाद महीनों तक काम क्यों अटका रहा, इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। अब लोगों की मांग है कि सड़क का निर्माण जल्द पूरा किया जाए और तब तक धूल पर नियंत्रण के इंतजाम कर उन्हें रोजाना की परेशानी से राहत दिलाई जाए।
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