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मां के सामने इकलौते बेटे-बहू पर 2-बार चढ़ाई थी बोलेरो:पिता का चाल-चलन ठीक नहीं, घर में CCTV लगवाने के कारण भी नाराज था


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मां के सामने इकलौते बेटे-बहू पर 2-बार चढ़ाई थी बोलेरो:पिता का चाल-चलन ठीक नहीं, घर में CCTV लगवाने के कारण भी नाराज था

मां के सामने इकलौते बेटे-बहू पर 2-बार चढ़ाई थी बोलेरो:पिता का चाल-चलन ठीक नहीं, घर में CCTV लगवाने के कारण भी नाराज था

तारानगर : चूरू जिले के चंगोई गांव में सरपंच का चुनाव लड़ने की सनक में पिता ने मां के सामने ही इकलौते बेटे-बहू को बोलेरो से रौंद दिया था।तारानगर डीएसपी रोहित सांखला ने बताया- मंगलवार रात को जिस समय आरोपी रामचंद्र जाट (60) ने बेटे रविंद्र (40) और बहू महिंद्रा (35) को कुचलकर मारा था, उस समय रामचंद्र की पत्नी धर्मा देवी भी बोलेरो में बैठी थी।

महिंद्रा के ताऊ आशाराम ढिगारिया ने बताया कि रविंद्र के पिता का चाल-चलन सही नहीं था। इसके चलते कुछ महीनों पहले रविंद्र ने पूरे घर में CCTV कैमरे लगवाए गए थे। इस बात से भी रामचंद्र काफी नाराज हो गया था। उसने सीसीटीवी कैमरे लगाने का विरोध भी किया था। ग्रामीणों के अनुसार, रामचंद्र पुलिस और लोगों के सामने अज्ञात वाहन के टक्कर मारने की बात कह रहा था। लेकिन मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना कैद हो गई थी। इसमें साफ दिख रहा था कि रामचंद्र ने दो बार बेटे-बहू पर बोलेरो चढ़ाई थी।

चंगोई गांव में इसी धर्मकांटे पर पिता और बेटा-बहू में झगड़ा हुआ था।
चंगोई गांव में इसी धर्मकांटे पर पिता और बेटा-बहू में झगड़ा हुआ था।

घर और धर्मकांटे पर पीहरवालों ने लगाया ताला

बुधवार शाम रविंद्र और महिंद्रा के अंतिम संस्कार के बाद उनकी बेटी मितारिका (11) को उसका मामा शीशराम अपने साथ मेलूसर गांव ले गया। यही नहीं, पीहरवालों ने एक कमरे को छोड़कर आरोपी के पूरे घर और धर्मकांटा को ताला लगा दिया। जाते समय चाबी तारानगर पुलिस को दे गए। महिंद्रा के पीहर पक्ष के लोगों के अनुसार, बेटे-बहू की हत्या के बाद रामचंद्र ने पोती मितारिका से फोन करवाकर उसके ननिहाल पक्ष के लोगों को सूचना दी थी।

400 लोगों का खाना बनवाया था, खाने आए सिर्फ 100 लोग

महिंद्रा के ताऊ आशाराम ढिगारिया ने बताया- रामचंद्र ने पंडित बुलाकर खुद ही सरपंच का चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी। इस उपलक्ष्य में उसने श्राद्ध शुरू होने से ठीक एक दिन पहले 25 सितंबर को गांव के लोगों को दावत दी थी। रामचंद्र ने पहले एक हजार लोगों को खाने पर बुलाने की बात रविंद्र से कही थी। तब रविंद्र ने कहा था कि कम लोगों का खाना बनवा लो। इसके बाद 400 लोगों का खाना बनवाया गया था। दावत में केवल 100 लोग आए थे। बचा हुआ खाना जानवरों को खिलाया गया था।

‘तेरे बाप को कोई वोट नहीं देगा, उनको समझाओ’

पीहर पक्ष के लोगों ने बताया कि रामचंद्र सरपंच का चुनाव लड़ने की जिद कर रहा था। जबकि गांव के लोग रविंद्र को कहते थे कि तेरे बाप को कोई वोट नहीं देगा। उनको समझाओ कि चुनाव नहीं लड़े। रविंद्र ने यह बात पिता रामचंद्र को भी काफी बार कही कि ‘गांव के लोग मुझे यह बात बोल रहे हैं। इसलिए आप चुनाव मत लड़ो।’ रामचंद्र को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ रहा था, उल्टा बेटे के मना करने पर झगड़ा करता था।

यही वो बोलेरो है, जिससे आरोपी पिता ने बेटे-बहू को रौंदकर मार डाला था।
यही वो बोलेरो है, जिससे आरोपी पिता ने बेटे-बहू को रौंदकर मार डाला था।

बिजनेस शुरू करने के लिए मांगे थे पैसे

महिंद्रा के पीहरवालों के अनुसार, रविंद्र एमए-बीएड था। महिंद्रा बीएससी-बीएड थी। रविंद्र ने कई बार पिता रामचंद्र से नया बिजनेस करने की बात कही थी। पिता से बिजनेस शुरू करने के लिए रुपए भी मांगे थे। लेकिन रामचंद्र यह कहकर रुपए देने से मना कर देता था कि वह सरपंच का चुनाव लड़ेगा।

पिता-बेटे में मारपीट भी हुई थी

गांव चंगोई की पूर्व सरपंच के प्रतिनिधि सुमेर सिंह ने बताया- 13 अक्टूबर को देर रात धर्मकांटे पर रामचंद्र और रविंद्र में बहस हो गई थी, जो मारपीट में बदल गई। वहां मौजूद ग्रामीणों ने दोनों को अलग-अलग किया था। इस दौरान किसी ग्रामीण ने मजाकिया अंदाज में कह दिया था- ‘ये लो, नए सरपंच का स्वागत हो गया है।’ इससे रामचंद्र अंदर ही अंदर ज्यादा क्रोधित हो गया था।

बोलेरो को घर छोड़कर आया था

सुमेर सिंह ने बताया कि बेटे-बहू की हत्या के बाद रामचंद्र और धर्मा देवी दोनों घबरा गए थे। धर्मा देवी ने गांव के कुछ लोगों को जगाया तो रामचंद्र अपने भतीजे रामवीर के पास गया और उसे घटना की जानकारी दी। इसके बाद रामचंद्र बोलेरो को अपने घर छोड़कर आ गया था। रामवीर की गाड़ी से दोनों मेरे घर आए थे।

‘मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा, अज्ञात वाहन से टक्कर दिखानी है’

रामचंद्र ने सुमेर सिंह से कहा था कि अब मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा। इस पर सुमेर सिंह ने कहा था कि यह बात इतनी रात को करने की क्या नौबत आ गई है। सुबह हम गांव के लोगों को इकट्ठा कर बात करेंगे। तब रामचंद्र ने बताया था कि बेटे और बहू को मार दिया है। अब हमें अज्ञात वाहन से टक्कर दिखानी है। पुलिस थाने चलकर एप्लिकेशन भी देनी है। तब सुमेर सिंह ने रात करीब 2 बजे तारानगर थानाधिकारी पुष्पेंद्र सिंह को कॉल कर घटना की जानकारी दी थी।

दो साल से पिता-बेटे में चल रही थी अनबन

सुमेर सिंह ने बताया कि रामचंद्र और रविंद्र में करीब 2 साल से अनबन चल रही थी। रामचंद्र पहले भी एक-दो बार मेरे पास आया था। उसने पुलिस थाने चलने की बात कही थी। तब मैंने कहा था कि पुलिस थाने में क्या काम है, हम गांव में बैठकर ही समझाइश कर लेंगे। रविंद्र का मानना था कि रामचंद्र अपनी जायदाद बेटी के नाम करना चाहता है।

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