विश्व पर्यटन दिवस पर सीकर में लोक संस्कृति, कला एवं पर्यटन का संगम
रामगढ़-फतेहपुर में लोक कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियां, जिला संग्रहालय में कच्छी घोड़ी-कठपुतली शो, खाटूश्यामजी में पर्यटकों का स्वागत, शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण और पर्यटन विकास को भी मिला मंच
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : नैना शेखावत
सीकर : विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को सीकर जिले में पर्यटन, लोक संस्कृति, कला और विरासत को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों को केंद्र में रखकर हुए आयोजनों में राजस्थान की समृद्ध लोक परंपराओं, ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन विकास की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया।
रामगढ़-फतेहपुर में गूंजी लोक संस्कृति की धुन
विश्व पर्यटन दिवस पर रामगढ़-फतेहपुर स्थित जगदीश मंदिर (पोद्दार छतरी) में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। यहां मंगणियार, कालबेलिया और रोबिला सहित विभिन्न लोक कलाकारों ने पारंपरिक प्रस्तुतियां देकर राजस्थान की जीवंत लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। ऐतिहासिक स्थापत्य और हवेलियों की पृष्ठभूमि में लोक संगीत और लोक नृत्य की प्रस्तुतियों ने शेखावाटी की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यटकों को क्षेत्र की कला, संगीत और ऐतिहासिक विरासत से रूबरू करवाया गया।
जिला संग्रहालय में कच्छी घोड़ी और कठपुतली शो
सीकर के जिला संग्रहालय में भी विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। यहां कच्छी घोड़ी और कठपुतली शो के जरिए राजस्थान की पारंपरिक लोक कलाओं का प्रदर्शन किया गया। इसी दौरान पर्यटन विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित हुई। प्रतिभागियों ने राजस्थान के पर्यटन स्थलों, लोक संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को अपनी कलाकृतियों के माध्यम से उकेरा।

खाटूश्यामजी में पर्यटकों और श्रद्धालुओं का स्वागत
जिले के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल खाटूश्यामजी में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। खाटूश्यामजी को राजस्थान सरकार के ‘पंच गौरव’ कार्यक्रम के तहत चयनित पर्यटन स्थलों में शामिल किया गया है। पर्यटकों के स्वागत के माध्यम से राजस्थान की अतिथि सत्कार परंपरा को प्रदर्शित किया गया। साथ ही आगंतुकों को क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित करवाया गया।
हवेलियों के संरक्षण से पर्यटन को नई दिशा
विश्व पर्यटन दिवस पर सीकर जिले की शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण और पर्यटन विकास में हो रही प्रगति को भी रेखांकित किया गया। ऐतिहासिक हवेलियों को हेरिटेज हॉस्पिटैलिटी एवं अन्य पर्यटन उपयोगों के लिए रूपांतरित करने (Haveli Conversion) की दिशा में हो रहा कार्य विरासत पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है। हवेलियों के संरक्षण और पर्यटन उपयोग से ऐतिहासिक स्थापत्य एवं भित्तिचित्रों को संरक्षित करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।
अधिकारियों और पर्यटन विभाग के स्टाफ की सहभागिता
विभिन्न कार्यक्रमों में महेश कुमार व्यास, सहायक निदेशक, राजस्थान पर्यटन, नीलिमा पूनिया, प्रभारी, राज्य संग्रहालय तथा पर्यटन विभाग की इंदिरा ताखर सहित विभागीय स्टाफ की सहभागिता रही। विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से सीकर जिले की धार्मिक, ऐतिहासिक, स्थापत्य और लोक सांस्कृतिक विरासत को एक साथ प्रस्तुत किया गया। आयोजनों का उद्देश्य जिले के पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाने के साथ स्थानीय कलाकारों, पारंपरिक कला और ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ना रहा।
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