[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

बसई पुलिया की क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण शुरू


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
खेतड़ीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

बसई पुलिया की क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण शुरू

ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन हरकत में आया; 16 सितंबर के हादसे में युवक की मौत के बाद उठी थी स्थायी मरम्मत की मांग

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड की बसई पुलिया पर लंबे समय से बदहाल सड़क की मरम्मत का काम आखिरकार शुरू हो गया है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। करीब पांच दिन पहले ग्रामीणों ने सड़क की खराब स्थिति को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आया और अब निर्माण कार्य शुरू कराया गया है।

गड्ढों के कारण बना हुआ था हादसे का खतरा

ग्रामीणों के अनुसार बसई पुलिया की सड़क पर लंबे समय से बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए थे। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना विशेष रूप से जोखिम भरा हो गया था। रात के समय गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया पर पहले भी कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं और हादसों में लोगों की जान जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

16 सितंबर के हादसे में गई थी युवक की जान

16 सितंबर को पुलिया पर गड्ढों से बचने के दौरान एक कार के गलत दिशा में जाने से सामने से आ रही बाइक से टक्कर हो गई थी। हादसे में बाइक सवार दो लोग घायल हुए थे। इनमें से अजय सिंह (37) की गंभीर हालत में इलाज के दौरान जयपुर में मौत हो गई थी।इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने पुलिया की बदहाल सड़क को लेकर प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्थायी समाधान की मांग तेज कर दी थी।

विरोध के बाद शुरू हुआ निर्माण कार्य

ग्रामीणों ने करीब पांच दिन पहले पुलिया की सड़क की स्थिति को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों का कहना था कि लगातार हादसों के बावजूद सड़क की स्थिति में स्थायी सुधार नहीं किया जा रहा है। विरोध के बाद अब सड़क निर्माण का काम शुरू होने से लोगों को राहत की उम्मीद जगी है।

चार-पांच दिन में खराब हो जाती थी मरम्मत

ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया की समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय कई बार सिर्फ गड्ढों को ऊपर से भरकर मरम्मत की औपचारिकता पूरी की जाती रही है। उनका कहना है कि ऐसी मरम्मत चार-पांच दिन भी नहीं टिकती और सड़क फिर से गड्ढों में तब्दील हो जाती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस बार सड़क का काम मजबूत और गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया जाए, ताकि बार-बार मरम्मत की जरूरत न पड़े और पुलिया से गुजरने वाले वाहन चालकों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।

हादसे के बाद जागा प्रशासन, अब स्थायी समाधान की उम्मीद

सड़क निर्माण शुरू होने के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि इस बार केवल खानापूर्ति नहीं होगी, बल्कि तकनीकी मानकों के अनुसार मजबूत निर्माण कराया जाएगा। लोगों का कहना है कि हादसे के बाद कार्रवाई होने के बजाय सड़क की समस्या का समय रहते समाधान होना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और की जान खतरे में न पड़े।

Related Articles