निकाय चुनाव से पहले फतेहपुर में बाहरी युवकों की मौजूदगी पर उठे सवाल
एसडीएम कार्यालय व न्यायालय परिसर के पास हिंसा के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर सवाल
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : आबिद खान दाडून्दा
फतेहपुर : सीकर के फतेहपुर कस्बे में नगर निकाय चुनाव के नामांकन के दौरान एसडीएम कार्यालय और कोर्ट परिसर के ठीक पास दिनदहाड़े हुई खूनी हिंसा ने स्थानीय पुलिस प्रशासन के चुनावी सुरक्षा दावों की पोल खोल दी हैं।
एक तरफ फतेहपुर कोतवाली पुलिस और कोतवाल महेंद्र मीणा शहर में पैदल मार्च निकालकर जनता को सुरक्षा का भरोसा दे रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कानून की चौखट के पास हरियाणा से आए बेखौफ बदमाशों ने कोता और धारदार हथियारों से जानलेवा हमले से 6 लोगो को घायल कर शहर में दहशत का तांडव मचा दिया हैं।
यह विवाद मूल रूप से स्थानीय , पड़िहार पक्ष और मोयल पक्ष के बीच का था, लेकिन इस आपसी रंजिश में हरियाणा से आए हथियारबंद गुंडों की एंट्री ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
हमले वाले दिन शाम को को जनमानस शेखावाटी की पड़ताल में एक बड़ा खुलासा हुआ था कि जनमानस शेखावाटी ने हमले वाले दिन का हमले के षड्यंत्र का वीडियो कोतवाल महेंद्र मीणा को हमले वाले दिन शाम को व्हाट्सएप पर हरियाणा के लड़कों की मौजूदगी, उनके इनपुट और पुख्ता सबूत सौंप दिए थे।
हरियाणा के ये बदमाश फतेहपुर में बैठकर हमले की रणनीति बनाते साफ नजर आ रहे हैं। जिसका वीडियो जनमानस शेखावाटी के पास सुरक्षित हैं। तस्वीरों का मिलान करने पर यह सच पूरी तरह उजागर हो गया था कोतवाल ने मीडिया को वीडियो बाइट में कहा सुरक्षा घेरे के बाहर लठ से हुआ था हमला
फतेहपुर में धारदार हथियारों से हुए इस हमले के बाद कोतवाल महेंद्र मीणा का एक वीडियो वीडियो बाइट सामने आया हैं जिसमें में कोतवाल बार बार लठ से हमला हुआ हैं। जैसी बाते कह रहे हैं। और आपसी रंजिश के चलते पारिवारिक विवाद की बात भी कह रहे हैं। साथ ही कह रहे हैं कि सुरक्षा के घेरे के बाहर हमला हुआ हैं। जबकि इसका दूसरा पहलू यह हैं कि थाना प्रभारी को धारदार कोते से हमला करते हुए हरियाणा के लड़के का वीडियो परिवादियों द्वारा कोतवाल को दे दिया गया था। साथ ही मौके पर मौजूद लोगो का कहना हैं कि पुलिस सुरक्षा घेरे के अंदर ही हमला हुआ था। बड़ा सवाल यह भी हैं कि जब आपसी रंजिश का परिवारों का मामला था तो हरियाणा के बदमाश आखिर कैसे पहुंचे। फिर भी कोतवाल द्वारा दिया गया वीडियो बयान सोशल मीडिया पर जमकर ट्रेंड कर रहा हैं। धारदार कोते को भूलकर लठ बोलना महज संयोग हैं। या फिर कुछ और..?
करीब दो हफ्ते पहले फतेहपुर में एटीएम लूट की नाकाम वारदात में भी हरियाणा के 4 बदमाशों बरेजा गाड़ी से की थी जिनमे से दो आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा था बरेजा गाड़ी और अन्य दो बदमाश आज तक पुलिस की पहुंच से दूर हैं।
इधर दूसरी और निकाय चुनाव से ठीक पहले मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने और इलाके में खौफ फैलाने के इरादे से इन बाहरी तत्वों को आखिर किसने बुलाया था। आखिर इनको चुनावों से पे भोकाल कायम करने के लिए कोन शरण दे रहा हैं।
जिस परिसर में जज, प्रशासनिक अधिकारी और सैकड़ों वकील बैठकर न्याय की अलख जगाते हैं, उस परिसर के पास बाहरी अपराधियों का खुलेआम हथियारों से हमला करना पुलिस की गश्त व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर सीधा सवाल है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर है, तो क्या फतेहपुर की जनता चुनावों में सच में सुरक्षित रह पाएगी?
क्या मतदाता सुरक्षित होकर मतदान कर पाएंगे ये बड़ा सवाल हैं।
जनमानस शेखावाटी की टीम हरियाणा के बदमाशों द्वारा किए गए हमले की अपडेट लगातार देती रहेगी क्योंकि हमारी टीम एक पास बहुत से मजबूत साक्ष्य मौजूद हैं।
हालांकि, हरियाणा के युवकों द्वारा हमले में शामिल होने, उन्हें किसी व्यक्ति द्वारा संरक्षण दिए जाने अथवा घटना का चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया जाना अभी आरोपों के स्तर पर है। संबंधित पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही इन दावों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
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