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ढाणी बाढ़ान में बाईसा स्नेह मिलन समारोह का समापन, खेल प्रतियोगिताओं में बहन-बेटियों ने दिखाया दमखम


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ढाणी बाढ़ान में बाईसा स्नेह मिलन समारोह का समापन, खेल प्रतियोगिताओं में बहन-बेटियों ने दिखाया दमखम

बचपन की यादों को फिर से जिया, घूमर व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच बाईसाओं को दी विदाई

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : विजेन्द्र शर्मा

खेतड़ी : उपखंड क्षेत्र के ढाणी बाढ़ान गांव में आयोजित दो दिवसीय बाईसा स्नेह मिलन समारोह का रविवार को समारोहपूर्वक समापन हुआ। समारोह के दूसरे दिन विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। नींबू-चम्मच दौड़, सुई में धागा पिरोना, रस्साकशी, म्यूजिकल चेयर, जलेबी दौड़ सहित विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं में बहन-बेटियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और अपना दमखम दिखाया।

विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में बहन-बेटियों ने लिया हिस्सा, पूजा, दीपिका, कृष्णा और रेनू ने हासिल किया प्रथम स्थान

प्रतियोगिताओं के लिए विशेष नियम निर्धारित किए गए थे। नियम के अनुसार एक प्रतियोगिता में भाग लेने वाला प्रतिभागी दोबारा किसी अन्य प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकेगा। इससे अधिक से अधिक बहन-बेटियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिला।
खेल प्रतियोगिताओं के परिणाम में नींबू-चम्मच दौड़ में पूजा कंवर ने प्रथम तथा पूनम कंवर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सुई-धागा प्रतियोगिता में दीपिका कंवर प्रथम और प्रियंका कंवर द्वितीय स्थान पर रहीं। म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में कृष्णा कंवर ने प्रथम तथा रीना कंवर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जलेबी दौड़ में रेनू कंवर प्रथम और रेखा कंवर द्वितीय स्थान पर रहीं। वहीं रस्साकशी प्रतियोगिता में मीना बाईसा की टीम विजेता रही। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।समारोह के दौरान भुआ-बुहाजी ने रेनवॉक में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने घूमर नृत्य की प्रस्तुति देकर राजस्थानी संस्कृति की झलक पेश की। पारंपरिक अंदाज में हुई घूमर की प्रस्तुति से समारोह का माहौल उत्साहपूर्ण हो गया।

बचपन की यादों को फिर से जिया

समारोह में बहन-बेटियों ने बचपन की पुरानी यादों को फिर से जिया। वर्षों बाद एक-दूसरे से मिले रिश्तों में अपनापन नजर आया। कई बेटियों ने अपने गांव और बचपन से जुड़े अनुभव साझा किए। लंबे समय बाद मायके पहुंची बहन-बेटियों के लिए यह मिलन पुराने रिश्तों और यादों को फिर से ताजा करने का अवसर बना।

कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का सामूहिक भोज आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न पारंपरिक पकवान परोसे गए। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें बहनों और भोजाइयों ने राजस्थानी लोकगीतों पर नृत्य किया। घूमर और लोक संगीत की प्रस्तुतियों से वातावरण उत्सवमय हो गया। कार्यक्रम में पारिवारिक जुड़ाव, सामाजिक एकता और राजस्थानी संस्कृति की झलक देखने को मिली।

पुरस्कार वितरण के बाद बहन-बेटियों को दी विदाई

समारोह के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता रहीं बाईसाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद बहन-बेटियों के विदाई समारोह का आयोजन किया गया। विदाई के दौरान कई महिलाओं की आंखें नम नजर आईं। बाईसाओं को मिठाई एवं मोमेंटो भेंट कर विदाई दी गई।आयोजकों ने बताया कि बाईसा स्नेह मिलन समारोह का उद्देश्य समाज की बहन-बेटियों को एक मंच पर जोड़कर पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक एकता और राजस्थानी संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। समारोह ने मायके और ससुराल से जुड़े रिश्तों को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने का संदेश दिया।

ये रहे मौजूद

इस मौके पर ललितेश कंवर, रेनू कंवर, रजनी कंवर, पिंकी कंवर, विदेश कंवर, वीना कंवर, सरोज कंवर, कृष्णा कंवर, दातार कंवर, शांति कंवर, हर्षिता कंवर, प्रियंका कंवर, रीना कंवर, ललिता कंवर सहित सैकड़ों बाईसा मौजूद रहीं। वहीं कर्नल रामवतार सिंह, कैप्टन भंवर सिंह, तनुज सिंह शेखावत, विशाल सिंह शेखावत, शिवराज सिंह, गोविंद सिंह, पूर्व सरपंच नरेंद्र सिंह, इंद्र सिंह, दान सिंह, महिपत सिंह, सज्जन सिंह, रिपुदमन सिंह, सुरेंद्र सिंह, मुकेश सिंह, लखपत सिंह, गजेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, सूबेदार इंद्र सिंह, रघुवीर सिंह, जनक सिंह, विक्रम सिंह, श्रवण सिंह, लक्ष्मण सिंह, आदित्य सिंह, अनिल सिंह, सूबेदार महेंद्र सिंह, संदीप सिंह, रामपाल सूबेदार, सूबेदार नरेंद्र सिंह, एडवोकेट प्रवीण सिंह, प्रदीप पोस्ट मास्टर, जितेंद्र ठेकेदार सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

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