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लोहार्गल से परडोली धाम तक निकली 53वीं कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा मार्ग


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लोहार्गल से परडोली धाम तक निकली 53वीं कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा मार्ग

करीब एक किलोमीटर लंबी यात्रा में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग हुए शामिल; 2002 से लगातार जारी है परंपरा

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : नैना शेखावत

सीकर : सावन के पावन माह में सीकर जिले में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भौमेश्वर नारायण परडोली धाम के पीठाधीश्वर नत्थु सिंह शेखावत के सानिध्य में भगवान भौमेश्वर महादेव की 53वीं कांवड़ यात्रा लोहार्गल धाम से परडोली धाम के लिए रवाना हुई।

करीब एक किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। श्रद्धालु कांवड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा।

2002 से लगातार जारी है कांवड़ यात्रा

पीठाधीश्वर नत्थु सिंह शेखावत ने बताया कि भगवान भौमेश्वर महादेव की कांवड़ यात्रा वर्ष 2002 से लगातार आयोजित की जा रही है। इस वर्ष यात्रा 53वें पड़ाव पर पहुंची है। लोहार्गल धाम से पवित्र जल लेकर श्रद्धालु परडोली स्थित भौमेश्वर धाम पहुंचेंगे, जहां भगवान भौमेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की जाएगी।

सनातन धर्म और सर्वकल्याण का संदेश

पीठाधीश्वर नत्थु सिंह शेखावत ने कहा कि कांवड़ यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म को आगे बढ़ाना, धार्मिक आस्था को मजबूत करना और सर्वकल्याण की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यात्रा में हर आयु वर्ग के लोग उत्साह से भाग ले रहे हैं, जो धार्मिक एकता और आस्था का प्रतीक है।

यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। बच्चे हों या बुजुर्ग, महिलाएं हों या युवा—सभी भगवान शिव की भक्ति में सराबोर नजर आए। लोहार्गल से परडोली धाम तक निकली यह कांवड़ यात्रा श्रद्धा, परंपरा और सनातन आस्था का जीवंत उदाहरण बनी।

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