[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

श्री सीमेंट रेल लाइन के विरोध में किसान आर-पार की लड़ाई के मूड में


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़नवलगढ़राजस्थानराज्य

श्री सीमेंट रेल लाइन के विरोध में किसान आर-पार की लड़ाई के मूड में

किसानों का ऐलान-उचित मुआवजा मिलने तक जमीन का कब्जा नहीं देंगे, 24 अगस्त को एसडीएम कार्यालय पहुंचेंगे

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : शैलेंद्र पारीक

नवलगढ़ : भजनगढ़-बासवा क्षेत्र में प्रस्तावित श्री सीमेंट रेल लाइन को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा तय किए बिना और भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन कानून-2013 के प्रावधानों की पूरी पालना के बिना वे जमीन का कब्जा नहीं छोड़ेंगे।

उपखंड कार्यालय नवलगढ़ की ओर से समाचार पत्रों में प्रकाशित अंतिम नोटिस में 24 अगस्त तक मुआवजा लेकर भूमि का कब्जा हटाने और मकान खाली करने की सूचना के बाद किसानों में आक्रोश है। भोज्याना स्थित बालाजी मंदिर में हुई बैठक में किसानों ने प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए इसका विरोध किया और आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया।

किसान नेता विजेंद्र सिंह काजला ने कहा, “जब तक जमीन का उचित दाम नहीं, तब तक रेल लाइन का काम नहीं होने देंगे।” युवा नेता राजेश कटेवा ने कहा कि सरकार और कंपनी को किसानों की जमीन का बाजार भाव के अनुसार मुआवजा देना होगा। समाजसेवी माया चौधरी ने किसानों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

बैठक में किसानों ने रेल लाइन को पिलर पर निकालने, सीमेंट कंपनी द्वारा पूर्व में तय 26 लाख रुपये प्रति बीघा को बाजार मूल्य मानने तथा रेल लाइन के दोनों ओर सड़क बनाने की मांग रखी। किसानों ने सरकार, कंपनी और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।

24 अगस्त को एसडीएम कार्यालय पहुंचेंगे किसान

किसानों ने बताया कि नवलगढ़ क्षेत्र के छह गांवों के किसान 24 अगस्त को सुबह 11 बजे एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रशासन की ओर से जारी अंतिम नोटिस का संवैधानिक एवं कानूनी जवाब पेश करेंगे। किसान भूमि अधिग्रहण कानून-2013 की पालना सुनिश्चित करने तथा अपने अधिकारों की रक्षा की मांग रखेंगे।

बैठक में शिशुपाल खरबास, रमेश धींवा, सुखराम सारसर, रतन सिंह शेखावत, नंदलाल गर्वा, अजय सिंह शेखावत सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

Related Articles