इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को अल्पसंख्यक आयोग में रिक्त पदों को 4 हफ्तों में भरने का दिया निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को अल्पसंख्यक आयोग में रिक्त पदों को 4 हफ्तों में भरने का दिया निर्देश
लखनऊ : यूपी में अल्पसंख्यक आयोग में लंबे समय से नियुक्तियाँ नहीं होने से इलाहाबाद हाईकोर्ट योगी आदित्यनाथ की सरकार से बेहद खफा है और हाईकोर्ट ने 4 सप्ताह में नियुक्तियाँ करने के लिए कहा है। यूपी में अल्पसंख्यक आयोग में जून 2024 से पद खाली चल रहे हैं। राज्य की योगी आदित्यनाथ की सरकार इन खाली पदों पर नई नियुक्तियां नहीं कर रही है। इससे अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े हुए मामलों का निबटारा नहीं हो पा रहा है। अल्पसंख्यक आयोग का काम अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मामलों और उनकी शिकायतों पर विचार करना तथा राज्य सरकार को आवश्यक सुझाव देना है। ऐसी स्थिति में आयोग में लंबे समय तक खाली पद रहने से इसके कामकाज पर बड़ा असर पड़ता है।
यूपी में चूँकि लंबे समय से अल्पसंख्यक आयोग में खाली पद पड़े हैं और इन पदों पर नई नियक्तियाँ करने में राज्य की योगी आदित्यनाथ की सरकार कोई दिलचस्पी नहीं ले रही है। आयोग में खाली पद पड़े होने से अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े हुए मामलों का कोई निबटारा नहीं हो पा रहा है।इसको ध्यान में रख करके शम्स तबरेज ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की थी और हाईकोर्ट से इस मामले में दखल देने और नई नियुक्तियां करवाने का अनुरोध किया था।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शम्स तबरेज की याचिका को स्वीकार किया था और इसकी सुनवाई के लिए मंजूरी दी थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में इस मामले की सुनवाई 20 जुलाई 2026 को हुई थी, जिसमें अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के प्रमुख सचिव व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुए थे।
उस समय उन्होंने हाईकोर्ट में कहा था कि उन्होंने इस बारे में शपथ पत्र दिया और कार्रवाई चल रही है।इस पर हाईकोर्ट ने उनसे कहा था और स्पष्ट किया था कि, नियुक्तियों में देरी होने का शपथ पत्र में कोई उचित कारण नहीं बताया गया है। इस पर राज्य के अपर महाधिवक्ता ने राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए और समय देने का अनुरोध किया था।
अपर महाधिवक्ता के अनुरोध पर हाईकोर्ट ने 4 सप्ताह का समय दिया था और राज्य सरकार से यह अपेक्षा की थी कि इस अवधि में वह नियुक्तियाँ करने के लिए आवश्यक कार्रवाई पूरी कर लेगी। लेकिन राज्य सरकार ने इस अवधि में नियुक्तियां करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले की 20 अगस्त 2026 को लखनऊ पीठ में फिर सुनवाई हुई। इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस जसप्रीत सिंह की पीठ में इसकी सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
चीफ जस्टिस अरुण भंसाली ने कहा कि, ” अल्पसंख्यक आयोग में रिक्त पदों पर नामांकन /नियुक्ति में लगातार देरी हो रही है। आयोग में पद 12 जून 2024 से खाली हैं और इस मामले में डेढ़ साल से अधिक समय से सुनवाई चल रही है,लेकिन अभी तक नियुक्तियां नहीं हुई हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से नियुक्तियों को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।”इसी के साथ इस मामले पर पीठ बेहद खफा हुई और कड़ी नाराजगी जताई।
हाईकोर्ट की कड़ी नाराजगी के बाद राज्य सरकार की ओर से पीठ के समक्ष कहा गया कि, ” अल्पसंख्यक आयोग में 12 जून 2024 से पद खाली हैं।इसके बाद से नियुक्तियों का मामला लगातार लंबित है। इस दौरान राज्य सरकार के स्तर पर आवेदन और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अलग – अलग कार्रवाई हुई है। लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो सका है।अब एक साथ सभी लंबित आवेदनों पर विचार किया जाएगा।सक्षम प्राधिकारी सभी लंबित आवेदनों पर एक साथ विचार करना चाहता है। जनवरी 2026 से अब तक 12 आवेदन और प्राप्त हुए हैं, जिन्हें भी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।”
राज्य सरकार की इस दलील पर पीठ फिर नाराज हुई और चीफ जस्टिस अरुण भंसाली ने कहा कि, ” 20 जुलाई 2026 को दिए गए आश्वासन के बावजूद इस संबंध में कार्रवाई न किए जाने में हुई देरी को उचित ठहराने का प्रयास है। हम सरकार के आश्वासन से पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हैं।”
इसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में 4 सप्ताह में अल्पसंख्यक आयोग में रिक्त पदों पर नियुक्तियाँ करने/ नियुक्तियों की प्रक्रिया को पूरी करने का आदेश दिया। इसीके साथ इस मामले में आगे सुनवाई करने के लिए हाईकोर्ट ने 21 सितंबर 2026 की तारीख तय कर दी।
अब यूपी की योगी आदित्यनाथ की सरकार के सामने 4 सप्ताह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया को पूरी करने/नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
अगली सुनवाई में यह पता चलेगा कि राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक आयोग में खाली पड़े पदों को भरने के लिए क्या कदम उठाए हैं और नियुक्तियों की प्रक्रिया किस स्थिति में पहुंची है।फिलहाल हाईकोर्ट की कड़ी नाराजगी और सख्ती से अल्पसंख्यक आयोग में खाली पड़े पदों पर नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है।अब इस मामले में योगी आदित्यनाथ की सरकार की कोई मनमानी नहीं चल पाएगी।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19




Total views : 2329391


