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सीकर में कई संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन:नर्सिंग संविदाकर्मियों ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसीपल पर मनमानी के आरोप लगाए; टीचर्स-आंगनबाड़ी कर्मियों ने दिए ज्ञापन


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सीकर में कई संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन:नर्सिंग संविदाकर्मियों ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसीपल पर मनमानी के आरोप लगाए; टीचर्स-आंगनबाड़ी कर्मियों ने दिए ज्ञापन

सीकर में कई संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन:नर्सिंग संविदाकर्मियों ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसीपल पर मनमानी के आरोप लगाए; टीचर्स-आंगनबाड़ी कर्मियों ने दिए ज्ञापन

सीकर : सीकर में कई संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर सोमवार को प्रदर्शन किया और रैली निकालकर मांगों के ज्ञापन दिए। सीकर मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग संविदाकर्मियों ने प्रशासनिक स्वीकृति के बाद जॉइनिंग करवाने और आंगनबाड़ी कर्मियों ने न्यूनतम वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी और भत्ते बढ़ाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया। अखिल भारतीय शिक्षक संघ ने केरल के टीचर पर हुई कार्रवाई का विरोध जताया।

सीकर के मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग संविदाकर्मियों ने प्रिंसीपल पर जॉइनिंग नहीं देने का आरोप लगाया। नर्सिंग संविदाकर्मी निकेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया- 55 कार्मिकों को पहले बिना किसी सरकारी आदेश के रिलीव कर दिया। अब सरकार ने जॉइनिंग के आदेश दे दिए, फिर भी जॉइनिंग नहीं करवा रहे। नर्सिंग संविदाकर्मियों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर कहा कि प्रिंसीपल की हठधर्मिता की वजह से सभी कार्मिकों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।

वहीं आंगनबाड़ी कर्मियों ने 11 सूत्री मांगें पूरी करवाने के लिए पहले रैली निकाली और फिर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। आंगनबाड़ी कर्मियों की प्रदेशाध्यक्ष अल्का किनियां ने कहा- संघ ने 11 सूत्रीय मांगों का पत्र सौंपा है।

ये हैं प्रमुख मांगें

  • ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन को 1000 रुपए से बढ़ाकर 7,500 रुपए प्रति महीने किया जाए और इसे आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना से जोड़ा जाए।
  • ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस के लिए सीलिंग लिमिट को दोगुना किया जाए।
  • पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से बहाल किया जाए।
  • ग्रेच्युटी की गणना वर्तमान 15 दिन के वेतन के बजाय 30 दिन के वेतन पर की जाए और इसमें से अधिकतम सीमा को पूरी तरह हटाया जाए।
  • ठेका कार्मिकों को सरकारी कर्मचारियों की तरह समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए।
  • जीवन-यापन की बढ़ती लागत और महंगाई के अनुपात में न्यूनतम वेतन बढ़ाया जाए।
  • आंगनबाड़ी, आशा सहयोगिनियों, मिड-डे मील, एनएचएम और अन्य सभी प्रकार के स्कीम वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी की जाए।
  • सप्ताह में 5 दिन काम करने की व्यवस्था तुरंत लागू की जाए।
  • नए लेबर कोड के मजदूर-विरोधी प्रावधानों को हटाया जाए।

केरल में शिक्षक के निलंबन पर महासंघ ने जताई चिंता

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने केरल के कासरगोड जिले के कुंबला सब-डिस्ट्रिक्ट में विद्यालयी क्विज प्रतियोगिता के दौरान वीर सावरकर से संबंधित प्रश्न पूछे जाने पर शिक्षक गुरु प्रसाद के निलंबन की निंदा की है। शैक्षित महासंघ के टीचर्स ने ADM के जरिए प्रधानमंत्री, केरल के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजा है।

महासंघ ने कहा- सावरकर के योगदान और सेलुलर जेल की सजा का अध्ययन किताब का हिस्सा है। इस पर प्रश्न पूछना कोई अपराध या अनुशासनहीनता नहीं है। बिना निष्पक्ष जांच के की गई इस कार्रवाई से शिक्षकों में भय और आत्म-सेंसरशिप का माहौल है। संगठन ने ज्ञापन भेजकर शिक्षक का निलंबन तत्काल प्रभाव से वापस लेने, सेवा बहाल करने तथा शिक्षा को किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त रखने की मांग की है।

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