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सीकर में बसों-ट्रेनों में ह्यूमन ट्रैफिकिंग को लेकर होगी चेकिंग:कोर्ट ने वर्कशॉप में बेटियों को भिक्षावृत्ति-बंधुआ मजदूर बनाने पर जताई चिंता


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सीकर में बसों-ट्रेनों में ह्यूमन ट्रैफिकिंग को लेकर होगी चेकिंग:कोर्ट ने वर्कशॉप में बेटियों को भिक्षावृत्ति-बंधुआ मजदूर बनाने पर जताई चिंता

सीकर में बसों-ट्रेनों में ह्यूमन ट्रैफिकिंग को लेकर होगी चेकिंग:कोर्ट ने वर्कशॉप में बेटियों को भिक्षावृत्ति-बंधुआ मजदूर बनाने पर जताई चिंता

सीकर : सीकर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) सेक्रेटरी और ADJ शालिनी गोयल ने कहा- ह्यूमन ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी) लगातार बढ़ती जा रही है। इसे रोकने के लिए डीलक्स बसों और ट्रेनों का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा- बच्चियों को वेश्यावृत्ति, भिक्षावृत्ति और बंधुआ मजदूरी के लिए मानव तस्करों का रैकेट काम कर रहा है। ह्यूमन ट्रैफिकिंग रोकने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं के जॉइंट ऑपरेशन होंगे।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सभागार में बुधवार को ह्यूमन ट्रैफिकिंग रोकने के लिए वर्कशॉप हुई। DLSA सेक्रेटरी और ADJ शालिनी गोयल, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एडवोकेट अंकुर बहड़, राजस्थान महिला कल्याण मंडल के JD अनुराग सक्सेना, बाल संरक्षण इकाई की AD गार्गी शर्मा ने वर्कशॉप शुरू की।

ADJ शालिनी गोयल ने कहा- कानून और विधिक सहायता के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों, शोषण, मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी जैसे गंभीर मामलों पर प्रभावी रोक लग सकती है।

साल 2030 तक बंधुआ मजदूरी से फ्री करने का लक्ष्य

इंटरनेशनल जस्टिस मिशन की ट्रेनर शेरोन जैकब ने बताया- जब किसी व्यक्ति को लोन या पारिवारिक कारणों से पसंद का रोजगार चुनने, खुले घूमने या न्यूनतम मजदूरी पाने से वंचित किया जाता है तो वह बंधुआ मजदूर होता है। भारत सरकार ने साल 2030 तक देश को बंधुआ मजदूरी से पूरी तरह फ्री करने का लक्ष्य रखा है। ट्रेनर शेरोन जैकब ने बंधुआ मजदूरी के कारणों, पीड़ितों की पहचान, कानूनी तरीकों और नई एसओपी के बारे में बताया।

कार्यक्रम में महिला-बाल विकास विभाग, मानव तस्करी रोकथाम यूनिट, बाल कल्याण अधिकारी, पैनल एडवोकेट्स, पैरालीगल वालंटियर्स और राजस्थान महिला कल्याण मंडल के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी लीगल ऑफिसर्स और मौजूद लोगों ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग रोकने की शपथ ली।

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