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साइबर थाना चूरू की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1.32 करोड़ की ठगी, पश्चिम बंगाल से आरोपी गिरफ्तार


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साइबर थाना चूरू की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1.32 करोड़ की ठगी, पश्चिम बंगाल से आरोपी गिरफ्तार

साइबर थाना चूरू की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1.32 करोड़ की ठगी, पश्चिम बंगाल से आरोपी गिरफ्तार

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पश्चिम बंगाल से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर विभिन्न राज्यों के लोगों से करीब 1 करोड़ 32 लाख रुपये की साइबर ठगी करने का आरोप है।

पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम. ने बताया कि हमीरवास थाना क्षेत्र के जैतपुरा निवासी विकास सिद्ध ने 24 मई 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया कि उसे व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर फर्जी आईपीओ और ट्रेडिंग ऐप के जरिए अधिक मुनाफे का झांसा दिया गया तथा उससे 39.21 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा करवा लिए गए।

मामले की जांच साइबर थाना प्रभारी विजय कुमार मीणा के नेतृत्व में की गई। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीम पश्चिम बंगाल पहुंची, जहां से सायेम मलिक (27) निवासी बीरभूम (पश्चिम बंगाल) को गिरफ्तार किया गया। ट्रांजिट रिमांड पर उसे चूरू लाकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पेशे से सिविल इंजीनियर है और साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा हुआ है। उसने अपने नाम से पांच प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां पंजीकृत कर रखी थीं, जिनके बैंक खातों में ठगी की रकम जमा करवाई जाती थी। आरोपी की कंपनी के खाते में परिवादी से 26.50 लाख रुपये जमा कराए गए, जबकि कुल मिलाकर 1.32 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि विभिन्न राज्यों से जमा होने का खुलासा हुआ है।

पुलिस के अनुसार आरोपी और उसके साथी लोगों को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाते थे और भारी मुनाफे का लालच देकर रकम निवेश करवा लेते थे। आरोपी के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में छह साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।

पश्चिम बंगाल से आरोपी को गिरफ्तार कर चूरू लाने की कार्रवाई में उपनिरीक्षक राकेश कुमार मीणा और कांस्टेबल कैलाशचंद्र की विशेष भूमिका रही। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों और ठगी के नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

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