जसवंतगढ़-आसोटा को मास्टर प्लान 2036 में शामिल करने का विरोध, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
सुजानगढ़ नगर परिषद में शामिल करने पर भड़के ग्रामीण, जिला कलेक्टर से लगाई गुहार-“लाडनूं से नजदीक, फिर सुजानगढ़ क्यों?” - ग्रामीणों ने उठाए सवाल
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : गजराज शर्मा
जसवंतगढ : ग्राम पंचायत जसवंतगढ़ एवं आसोटा को सुजानगढ़ नगर परिषद के मास्टर प्लान 2036 में शामिल करने के विरोध में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने निजी हित साधने के लिए इन गांवों को जबरन सुजानगढ़ की परिधि में डाला है। ज्ञापन में बताया गया कि जसवंतगढ़, भियाणी, आसोटा और खानपुर गांव भौगोलिक रूप से डीडवाना-कुचामन जिले की लाडनूं तहसील का हिस्सा हैं। ये गांव अजमेर संभाग में आते हैं, जबकि सुजानगढ़ चूरू जिले व बीकानेर संभाग का हिस्सा है।
ग्रामीणों ने कहा कि जसवंतगढ़ और आसोटा की मूल आबादी सुजानगढ़ से 6 से 10 किमी दूर है, जबकि लाडनूं तहसील मुख्यालय मात्र 2 से 3 किमी की दूरी पर स्थित है। ऐसे में इन गांवों को सुजानगढ़ नगर परिषद में शामिल करना जन सुविधाओं के अनुकूल नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि मास्टर प्लान में शामिल होने से भूमि रूपांतरण, पट्टे, भू अभिलेख, व्यावसायिक व निर्माण कार्यों के लिए लोगों को चूरू जिले के चक्कर काटने पड़ेंगे। इससे आर्थिक और मानसिक परेशानी बढ़ेगी।
ग्रामीणों ने वर्तमान सरकार से पुनरावलोकन की मांग करते हुए कहा कि इन गांवों को सुजानगढ़ की परिधि से बाहर कर यथावत लाडनूं तहसील में ही रखा जाए। ज्ञापन में इसे भोले-भाले ग्रामीणों के साथ अन्याय बताया गया। ग्राम पंचायत जसवंतगढ़ और आसोटा के ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से यह ज्ञापन जिला कलेक्टर डीडवाना-कुचामन को सौंपा।
इस अवसर पर पवन कुमार भंडारी, अंजनी कुमार सारस्वत, विकास शर्मा, श्यामसुंदर गगड, सुमित मुन्दडा, नरेंद्र स्वामी, किशन बियानी, मुकुंद सोनी एवं जन कल्याण सेवा के संगठन के समस्त कार्यकर्ता मौजूद रहे
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