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नायक, नायका, धानक, धानका समाज के संवैधानिक अधिकारों एवं सामाजिक न्याय एवं मीना मीणा जाति के सम्बन्ध में संवैधानिक अधिकारों एवं जातिगत विसंगतीयों पर कार्यवाही हेतु ज्ञापन सौंपा


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चूरूटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

नायक, नायका, धानक, धानका समाज के संवैधानिक अधिकारों एवं सामाजिक न्याय एवं मीना मीणा जाति के सम्बन्ध में संवैधानिक अधिकारों एवं जातिगत विसंगतीयों पर कार्यवाही हेतु ज्ञापन सौंपा

नायक, नायका, धानक, धानका समाज के संवैधानिक अधिकारों एवं सामाजिक न्याय एवं मीना मीणा जाति के सम्बन्ध में संवैधानिक अधिकारों एवं जातिगत विसंगतीयों पर कार्यवाही हेतु ज्ञापन सौंपा

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : जिला मुख्यालय पर ‌जनसुनवाई में ‌ राजस्थान नायक समाज संयुक्त समिति द्वारा जिला प्रशासन को ज्ञापन सोपा जिसमें बताया गया कि नायक, नायका, धानक, धानका समाज लम्बे समय से सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है। समाज के लोगों को आज भी मूलभूत सुविधाएँ शिक्षा, रोजगार एवं संवैधानिक अधिकारों में अनेक कठिनाइ‌यों का सामना करना पड़ रहा है।

अतः राजस्थान नायक समाज संयुक्त समिति राजस्थान जिला चूरू की ओर से निम्न मांगें ‌ज्ञापन द्वारा प्रस्तुत‌ की गई है : 1. मीना मीणा नाम से सम्बन्धित संवैधानिक अधिकार एवं प्रशासनिक स्थिति सार्वजनिक रूप से स्पष्ट की जावे। 2.नायक, नायका जाति को समाज में बोलचाल की भाषा में नायका भी कहा जाता है जिसके कारण ई पोर्टल राजस्थान पर बोलचाल की भाषा में अशुद्धि के कारण ई पोर्टल नायका दर्ज कर दिया है जिसके कारण नायक जाति को अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र मिलने पर काफी परेशानी हो रही है। गजट नोटिफिकेशन के अनुसार नायक, नायका जाति को संवैधानिक अधिकार दिलवाया जाये। 3. गजट नोटिफिकेशन भारत सरकार एवं वैधानिक अभिलेखों की समीक्षा करवायी जायें। 4. नायक समाज के युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार में विशेष अवसर प्रदान किये जायें। समाज के गरीब एवं जरूरत मंद परिवारों को आवास, चिकित्सा एवं समाजिक योजनाओं को लाभ प्राथमिकता से दिया जावे। समाज के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकने हेतु गजट नोटिफिकेशन के अनुसार नायक नायका जाति को ई पोर्टल पर ठीक करवाया जावे और अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र जारी करवाने के आदेश जारी किये जावें। 5. समाज की समास्याओं के समाधान हेतु राज्य स्तर पर विशेष समिति का गठन किया जाये। 6. अनुसूचित जनजाति से सम्बन्धित लाभों में पारदर्शिता एवं न्याय सुनिश्चित किया जाये। ‌7. यदि कित्ती स्तर पर विसंगतिया पायी जाये तो उसकी उच्च स्तरीय जांच कर उचित कार्यवाही की जावे। 8. सामाजिक सौहार्द एवं संवैधानिक सम्मानता बनाये रखने के लिए आवश्यक कदम उठाये जायें।

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