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KCC लोन लेने के बाद किसान की हुई थी मौत:लोक अदालत में 16.58 लाख का कर्ज 2.90 लाख में निपटा, परिजनों ने 8 हजार कराए जमा


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KCC लोन लेने के बाद किसान की हुई थी मौत:लोक अदालत में 16.58 लाख का कर्ज 2.90 लाख में निपटा, परिजनों ने 8 हजार कराए जमा

KCC लोन लेने के बाद किसान की हुई थी मौत:लोक अदालत में 16.58 लाख का कर्ज 2.90 लाख में निपटा, परिजनों ने 8 हजार कराए जमा

सीकर : सीकर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में वर्षों से लंबित कई मामलों का आपसी समझौते से निस्तारण किया गया। लोक अदालत में पूर्णपुरा गांव के दिवंगत किसान गंगूराम के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण मामले का भी समाधान हुआ।

गंगूराम ने वर्ष 2015 में पंजाब नेशनल बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 4.50 लाख रुपए का ऋण लिया था। बाद में उनकी मृत्यु हो गई और ऋण का भुगतान नहीं होने से ब्याज बढ़कर कुल राशि 16 लाख 58 हजार 699 रुपए हो गई।

2.90 लाख में हुआ समझौता

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) सचिव शालिनी गोयल की मौजूदगी में लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ और मामला 2 लाख 90 हजार रुपए में सेटल किया गया। किसान के परिजनों ने मौके पर 8 हजार रुपए जमा करवाए तथा शेष 2 लाख 81 हजार रुपए तय समय में जमा कराने पर सहमति दी।

इसी तरह नीमकाथाना क्षेत्र के पलाश की ढाणी निवासी अंकित कुमार मीणा द्वारा निजी फाइनेंस कंपनी से लिए गए 3 लाख 81 हजार रुपए के ऋण मामले का भी निस्तारण किया गया। आर्थिक स्थिति को देखते हुए मामला 40 हजार रुपए में सुलझा लिया गया।

सीकर में इस साल की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष एवं जिला जज रूपा गुप्ता के निर्देशन में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जिलेभर में कुल 10 करोड़ 33 लाख 47 हजार 755 रुपए से अधिक के सेटलमेंट किए गए।

सीकर मुख्यालय सहित रींगस, श्रीमाधोपुर, दांतारामगढ़, लक्ष्मणगढ़, फतेहपुर और नीमकाथाना में कुल 15 बेंचों ने सुनवाई की। लोक अदालत में फौजदारी, दीवानी, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, बैंक रिकवरी, राजस्व एवं उपभोक्ता मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

अदालतों में वर्षों से लंबित 8427 मामलों का निस्तारण कर 6 करोड़ 27 लाख 99 हजार 378 रुपए के सेटलमेंट हुए। वहीं प्री-लिटिगेशन के 266 मामलों में 4 करोड़ 5 लाख 48 हजार 377 रुपए के समझौते हुए।

पक्षकारों की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क

DLSA सचिव शालिनी गोयल ने बताया कि पक्षकारों की सहायता के लिए अतिरिक्त हेल्पडेस्क भी स्थापित की गई। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य आमजन के मामलों का त्वरित और सरल निस्तारण करना है।

लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर जिला जज रूपा गुप्ता, ADJ शालिनी गोयल, ACJM-1 जयराम जाट, JM-3 ईशा सांघी, बार संघ अध्यक्ष दामोदर माटोलिया सहित कई न्यायिक अधिकारी एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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