[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

मौत उसकी कि जिस पे करे ज़माना अफ़सोस‌ मदरसा तौकीर उल उलूम में दुआएं मगफीरत की


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
चूरूटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

मौत उसकी कि जिस पे करे ज़माना अफ़सोस‌ मदरसा तौकीर उल उलूम में दुआएं मगफीरत की

मौत उसकी कि जिस पे करे ज़माना अफ़सोस‌ मदरसा तौकीर उल उलूम में दुआएं मगफीरत की

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान 

चूरू : जिला मुख्यालय पर ‌ मदरसा सैयदना तौकीर उल- उलूम के रिटायर्ड उस्ताद ‌ शेख ‌ उल हदीस‌ मौलाना अब्दुल सलाम मिस्बाही ‌ का इंतकाल उनके गांव में बरोज़ पीर नमाज़-ए-फ़ज्र बाजमाअत अदा करके दरसी किताबों के मुतालिआ में मसरूफ ही था कि इस इदारा के अज़ीम व क़दीम, साबिक उस्ताद शैखुल हदीस व तफ़सीर, सूफी बासफ़ा हज़रत अल्लामा, मौलाना उस्तादुल असातिज़ा, अश-शाह, हज़रत अब्दुस्सलाम मिस्बाही, साबिक उस्ताद व शैखुल हदीस मदरसा सैय्यदना तौक़ीरुल उलूम राजस्थान के सानिहा-ए-इर्तिहाल की खबर मौसूल हुई। कैफ़ियत क्या है, अल्फ़ाज़ का दामन कोताह है। अल्लाह तआला सूफी साहब नूरुल्लाहि मरकदहू को ग़रीक़-ए-रहमत फरमाए और आप की कोशिश-ए-दिनी को अल्लाह तआला मक़बूल फरमाए। दीनी ख़िदमात, बिलख़ुसूस दर्स व तदरीस और तलबा पर मेहनत-ए-शाक़्का का बदला क़ब्र व हश्र में और हज़ूर अकर्म की शफ़ाअत के ज़रिये अता फरमाए।

इस इदारा के तमाम असातिज़ा और कमेटी के अफ़राद, इन के अहल-ए-ख़ाना के इस ग़म में बराबर के शरीक हैं। अल्लाह तआला तमाम अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।आज बरोज़ मंगल अल्लामा मरहूम के इसाल-ए-सवाब की महफ़िल मदरसा सैय्यदना तौक़ीरुल उलूम में मुनअक़िद की गई, जिसमें इदारा के तलबा ने क़ुरआनख़्वानी की और मदरसा के शैखुल हदीस व मुफ़्ती गुलशेर रज़ा अबुलअज़्का मिस्बाही ‌ प्रिंसिपल मुफ्ती दारुल उलूम हाजा ने उनके हक़ में दुआ फ़रमाई, जिसमें इदारा के अराकीन, असातिज़ा और मुआविनीन शामिल हुए।‌ सदर हाजी उस्मान गनी दिलावर खानी, हाफिज अब्बास साहब, हाफिज कुर्बान अली, मौलाना अहमद अली, मौलाना शहाबुद्दीन,‌ मोहिउद्दीन मास्टर, सेक्रेटरी सलीम खान सर्वा,‌ ‌आमीन शाह, आदि ने दुआएं मगफीरत की।

Related Articles