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BDK हॉस्पिटल के शिशु रोग विभाग को मिला ‘मुस्कान’ सर्टिफिकेट:केंद्र सरकार की मूल्यांकन टीम ने दिए 96% अंक, बना जिले में पहला संस्थान


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BDK हॉस्पिटल के शिशु रोग विभाग को मिला ‘मुस्कान’ सर्टिफिकेट:केंद्र सरकार की मूल्यांकन टीम ने दिए 96% अंक, बना जिले में पहला संस्थान

BDK हॉस्पिटल के शिशु रोग विभाग को मिला 'मुस्कान' सर्टिफिकेट:केंद्र सरकार की मूल्यांकन टीम ने दिए 96% अंक, बना जिले में पहला संस्थान

झुंझुनूं : झुंझुनूं के गवर्नमेंट भगवान दास खेतान (बीडीके) हॉस्पिटल के शिशु रोग विभाग को नवजातों की बेहतरीन देखभाल के लिए केंद्र सरकार ने ‘मुस्कान’ (Muskan) सर्टिफिकेट दिया है। केंद्र सरकार की निरीक्षण टीम ने हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद इसे 96% अंक प्रदान किए हैं। यह गौरव हासिल करने वाला बीडीके अस्पताल जिले का एकमात्र और पहला चिकित्सा संस्थान बन गया है।

केंद्र सरकार नामित राष्ट्रीय मूल्यांकन टीम ने 27 से 28 जनवरी 2026 तक हॉस्पिटल का दौरा किया। इस टीम में उत्तर प्रदेश से डॉ. नीरज पटेल और गोवा से डॉ. चेतना खेमानी शामिल थे। इस दौरान विशेषज्ञों ने शिशु स्वास्थ्य ओपीडी (OPD), शिशु स्वास्थ्य आईपीडी (IPD), गहन शिशु स्वास्थ्य इकाई (SNCU) और पोषण उपचार केंद्र (NRC/MTC) का मूल्यांकन किया।

अस्पताल का शिशु रोग विभाग।
अस्पताल का शिशु रोग विभाग।

इन मानकों पर की थी जांच स्वास्थ्य प्रबंधक और राष्ट्रीय एसेसर डॉ. नावेद अख्तर के अनुसार- मूल्यांकन 8 प्रमुख क्षेत्रों (Checklists) के आधार पर किया गया है। 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं, लैब जांच, एक्स-रे और उपकरणों की उपलब्धता की जांच की। मरीजों को निशुल्क दवाएं, निशुल्क जांच, ब्लड की उपलब्धता और उनकी शिकायतों का समय पर निवारण होने के साथ ही रजिस्ट्रेशन से लेकर डिस्चार्ज और रेफरल तक की पारदर्शी प्रक्रिया और प्रोटोकॉल की पालना को भी परखा गया। जबकि बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, हाथ धोने के नियमों की पालना और उपकरणों की साफ-सफाई के साथ बिजली-पानी की व्यवस्था, चादरों का प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी चेक किए गए थे।

पीएमओ बोले- लगातार मॉनिटरिंग से हासिल की उपलब्धि पीएमओ एवं वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र भाम्बू का कहना है कि प्रशिक्षित स्टाफ, रेजिडेंट डॉक्टर्स द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग और अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा दिन में दो बार राउंड लेकर मरीजों का उपचार करने से ही हम 96% अंक प्राप्त कर पाए हैं। हमारी नवजात शिशु इकाई (SNCU) पूरे प्रदेश में शीर्ष स्तर पर बनी हुई है।

मुस्कान नोडल अधिकारी डॉ. संजय खीचड़ ने बताया कि अस्पताल में हर मानक (SOP) की पालना सुनिश्चित करने के लिए स्टाफ को समय-समय पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। इस उपलब्धि पर आरएमओ डॉ. सिद्धार्थ शर्मा सहित डॉ. विजय झाझड़िया, डॉ. वी.डी. बाजिया, डॉ. सुरेश मील, डॉ. नेमीचंद, डॉ. पूजा चौधरी, डॉ. रविकांत और अन्य नर्सिंग स्टाफ ने खुशी व्यक्त की।

शिशु औषधि ओपीडी, आईपीडी, एसएनसीयू की सेवाओं के गुणवतापूर्ण विस्तार हेतू भारत सरकार द्वारा 36 लाख की राशि बीडीके अस्पताल में खर्च की जाएगी। यह 03 वर्ष तक भारत सरकार द्वारा बीडीके ईअस्पताल को प्रदान की जाएगी।

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