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महिला सशक्तिकरण की मिसाल: झुंझुनूं के जीता का बास में निकली ‘बेटी की बिंदोरी’


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महिला सशक्तिकरण की मिसाल: झुंझुनूं के जीता का बास में निकली ‘बेटी की बिंदोरी’

महिला सशक्तिकरण की मिसाल: झुंझुनूं के जीता का बास में निकली ‘बेटी की बिंदोरी’

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : चंद्रकांत बंका

झुंझुनूं : ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को नई दिशा देते हुए जिले के घरडाना कलां के जीता का बास गांव में एक अनूठी पहल देखने को मिली, जिसने सामाजिक सोच को नया संदेश दिया। संध्या देवी व रणजीत सिंह की बेटी अल्का पूनियां की शादी में परंपराओं को बदलते हुए दूल्हे की तरह दुल्हन को घोड़ी पर बैठाकर भव्य बिंदोरी निकाली गई।

डीजे की धुनों पर निकली इस ‘बेटियों की शाही बिंदोरी’ में महिलाओं, साथिनों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नृत्य कर खुशियां मनाईं। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक विप्लव न्यौला और राजस्थान शिक्षण संस्थान चिड़ावा की चेयरमैन निकिता थालौर ने नववधू को आशीर्वाद देते हुए कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ने में सक्षम हैं।

परंपरा को बदला, दिया नया संदेश

आमतौर पर विवाह में दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर बिंदोरी निकालता है, लेकिन इस पहल के तहत अल्का पूनियां जो स्वयं विभाग में सुपरवाइजर पद पर कार्यरत हैं को घोड़ी पर बैठाकर यह संदेश दिया गया कि बेटियां भी सम्मान और समानता की पूरी हकदार हैं।

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का सशक्त उदाहरण

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्य लिंग समानता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को यह आयोजन जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है। इस पहल ने पूरे क्षेत्र में सकारात्मक संदेश दिया कि बेटियों को केवल पारंपरिक भूमिकाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए।

परिवार और समाज में गर्व का माहौल

अल्का के परिवार ने इस पहल पर गर्व जताते हुए कहा कि समय के साथ परंपराओं में बदलाव जरूरी है। वहीं, अल्का ने भी इसे समाज में बदलाव का संकेत बताते हुए कहा कि लड़कियों को बराबरी का सम्मान मिलना चाहिए।

प्रेरणा बना पूरा गांव

यह आयोजन सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की मिसाल बन गया है। गांव के बुजुर्गों और आमजन ने भी इस पहल की सराहना की और इसे अन्य जगहों पर अपनाने की बात कही। यह ‘बेटी की बिंदोरी’ संदेश देती है कि बेटियां अब बोझ नहीं, बल्कि परिवार और समाज की शान हैं और अगर ऐसी सोच हर जगह विकसित हो जाए, तो लैंगिक भेदभाव जल्द ही खत्म हो सकता है।

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