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शक्तिपीठ मां शाकंभरी धाम में आस्था का उमड़ा जनसैलाब


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शक्तिपीठ मां शाकंभरी धाम में आस्था का उमड़ा जनसैलाब

शाकंभरी धाम में छठे दिन महिषासुर मर्दिनी के जयकारों से गूंजी अरावली की पहाड़ियां

उदयपुरवाटी : कैलाश बबेरवाल, क्षेत्र के निकट मिनी कश्मीर के नाम से प्रसिद्ध अरावली की वादियों में स्थित सिद्ध शक्तिपीठ माँ शाकंभरी के दरबार में चैत्र नवरात्रि के छठे दिन मंगलवार को भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। आस्था एवं विश्वास का आलम यह था कि सुबह मंगला आरती से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं, जो देर शाम तक जारी रहीं। पंडित विकास शर्मा ने बताया कि नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी को समर्पित है। देवी का यह स्वरूप शत्रुओं के नाश और दुष्टों के दमन का प्रतीक है। मान्यता है कि यहाँ विधि-विधान से पूजा करने पर विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, एवं कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। पंडित अंकित शर्मा के अनुसार ब्रज की गोपियों की तर्ज पर आज भी अविवाहित युवतियां मनचाहा वर पाने के लिए माता के चरणों में शीश नवाती हैं।

31 विद्वानों का ‘दुर्गा सप्तशती’ पाठ से अलौकिक हुआ वातावरण
मंदिर के मदन मोहन परिसर में चल रहा शतचंडी अनुष्ठान आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। आचार्य जगदीश प्रसाद शास्त्री, महावीर प्रसाद शास्त्री के नेतृत्व में 31 विद्वान पंडितों द्वारा किए जा रहे मंत्रोच्चार व दुर्गा सप्तशती के पाठ से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान हो गया है। पंडित केदार शर्मा तथा डॉ. सुमन शर्मा ने बताया कि यहाँ पाठ और जप करने से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य का फल प्राप्त होता है।

फूलों से महका दरबार, सुरक्षा के कड़े पहरे
शक्तिपीठ शाकंभरी माता के दरबार को देशी-विदेशी विभिन्न फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। माता का नयनाभिराम श्रृंगार देख भक्त भावविभोर हो उठे।भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के जवान पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिए, जहां एएसआई दयाल सिंह के नेतृत्व में जवानों ने कतारबद्ध तरीके से श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए। महंत दयानाथ महाराज के सानिध्य में पुजारी पवन शर्मा, विकास शर्मा, अंकित शर्मा, राजेंद्र शर्मा ने राजस्थान सहित पड़ोसी अन्य राज्यों से आए भक्तों को आशीर्वाद व प्रसाद वितरित किया।

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