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चिड़ावा में दहेज मुक्त विवाह की मिसाल: पोते की शादी में दादाजी ने लौटाए 5 लाख, पोत्रवधु को भेंट की 16 लाख की कार


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चिड़ावा में दहेज मुक्त विवाह की मिसाल: पोते की शादी में दादाजी ने लौटाए 5 लाख, पोत्रवधु को भेंट की 16 लाख की कार

चिड़ावा में दहेज मुक्त विवाह की मिसाल: पोते की शादी में दादाजी ने लौटाए 5 लाख, पोत्रवधु को भेंट की 16 लाख की कार

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : निरंजन सैन

चिड़ावा : जिले के चिड़ावा शहर में एक विवाह समारोह सामाजिक सरोकार का उदाहरण बन गया। परिवार ने दहेज लेने से इंकार करते हुए न केवल तिलक की राशि लौटाई, बल्कि पोत्रवधु को उपहार स्वरूप कार भेंट कर सकारात्मक संदेश दिया। 19 फरवरी 2026 को रोहित पुत्र सुबेदार मेजर राजेश राव का विवाह मैना पुत्री कैप्टन महेन्द्र सिंह पुनिया, निवासी माखर, के साथ संपन्न हुआ। विवाह समारोह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित किया गया।विवाह के अवसर पर रोहित के दादाजी नागरमल राव ने तिलक में दिए गए 5 लाख रुपये सम्मानपूर्वक वापस लौटा दिए। परिवार की ओर से शगुन के रूप में केवल एक रुपया और पांच बर्तन स्वीकार किए गए। इस निर्णय से समारोह में उपस्थित लोगों ने सराहना व्यक्त की।

दादाजी नागरमल राव एवं दादी ने पोत्रवधु को मुंह दिखाई में लगभग 16 लाख रुपये मूल्य की कार उपहार स्वरूप प्रदान की। परिवार का कहना है कि यह उपहार बहू के स्वागत और सम्मान का प्रतीक है, न कि किसी प्रकार का लेन-देन। रोहित के ताऊ सुरेश राव ने बताया कि परिवार लंबे समय से दहेज प्रथा के विरोध में रहा है। परिवार ने पहले से ही यह निर्णय ले रखा था कि विवाह बिना दहेज के ही किया जाएगा। उनका कहना था कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए ऐसी पहल आवश्यक है।

इस कदम की क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने इसे दहेज प्रथा के विरुद्ध एक मजबूत संदेश बताया है। विवाह समारोह में परिवारजन, रिश्तेदार और परिचित बड़ी संख्या में मौजूद रहे। विशेष बात यह भी रही कि दूल्हा रोहित और दुल्हन मैना दोनों एमडी स्कूल चिड़ावा के पूर्व विद्यार्थी रहे हैं। चिड़ावा में संपन्न यह विवाह अब दहेज मुक्त विवाह की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

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