[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

गुजरात से पाटन पहुंची अरावली संरक्षण यात्रा:अवैध खनन रोकने, प्रदूषण पर लगाम लगाने की मांग, 700 किलोमीटर का सफर करके दिल्ली पहुंचेगी यात्रा


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़नीमकाथानाराजस्थानराज्यसीकर

गुजरात से पाटन पहुंची अरावली संरक्षण यात्रा:अवैध खनन रोकने, प्रदूषण पर लगाम लगाने की मांग, 700 किलोमीटर का सफर करके दिल्ली पहुंचेगी यात्रा

गुजरात से पाटन पहुंची अरावली संरक्षण यात्रा:अवैध खनन रोकने, प्रदूषण पर लगाम लगाने की मांग, 700 किलोमीटर का सफर करके दिल्ली पहुंचेगी यात्रा

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : अशोक सिंह शेखावत

पाटन : अरावली विरासत जन अभियान के तहत गुजरात से दिल्ली तक निकाली जा रही अरावली संरक्षण यात्रा बुधवार को पाटन तहसील पहुंची। यहां पाटन के देई माई मंदिर, कांकड़ और बस स्टैंड स्यालोदड़ा में यात्रा का स्थानीय लोगों ने माल्यार्पण कर स्वागत किया।

700 किलोमीटर का सफर करेगी यात्रा

पर्यावरणविद् कैलाश मीणा ने बताया- सुप्रीम कोर्ट ने अरावली संरक्षण को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं, लेकिन स्थायी समाधान और प्रभावी क्रियान्वयन अभी बाकी है। इसी उद्देश्य से जनजागरण के लिए यह यात्रा निकाली गई है। यह यात्रा 40 दिन में 700 किलोमीटर का सफर तय करेगी जिसका समापन दिल्ली में होगा।

अवैध खनन का मुद्दा उठाया

इस दौरान ग्रामीणों ने स्यालोदड़ा क्षेत्र में अवैध खनन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अवैध रवन्ना की आड़ में चिड़ीमार पहाड़ से अवैध खनन किया जा रहा है। अवैध क्रेशरों के कारण भयंकर प्रदूषण फैल रहा है, जिससे आमजन का जीवन और स्वास्थ्य खतरे में है।

ग्रामीणों ने रखी ये मांग

यात्रा के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और केंद्र सरकार से कई मांगें की गईं। इनमें एनसीआर क्षेत्र में वैध और अवैध दोनों प्रकार के खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध, चिड़ीमार पहाड़ का संरक्षण, सभी राज्यों में अरावली की एक समान परिभाषा लागू करना और अवैध रवन्ना, अवैध क्रेशर व अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई शामिल हैं।

कार्यक्रम को आदिवासी एकता परिषद के अध्यक्ष अशोक चौधरी और पर्यावरण मित्र कैलाश मीणा (भराला) सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया। स्वागत संबोधन जयभगवान शर्मा और बिशेश्वर सैनी ने दिया। यात्रा दल के समक्ष ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और अनुभव भी साझा किए।

यात्रा में ये रहे मौजूद

इस मौके पर राजू सैनी, रामेश्वर सैनी, शिंभू डाबला, रमेश गुर्जर,सहमाल,बाबूलाल सैनी,जयराम सैनी, अमरसिंह, मलखान सिंह बांयल, रामनिवास सैनी, डालूराम, राजेश किरोड़ीवाल, शंकर लाल सैनी, कमलेश सैनी, महावीर वैद्य, जयराम हलवाई, गिरवर सैनी, रोहिताश सैनी, लाल सिंह, बद्री सैनी, राजेश, लीला राम सैनी, उमराव, अशोक कुमावत, कालूराम सैनी, निहाल चंद सैनी, बिहारीलाल सैनी, अशोक शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इसके बाद यात्रा हरियाणा के बांयल गांव में प्रवेश करते हुए दिल्ली के लिए प्रस्थान कर गई।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin rupiah89 kios77 TOKO22 situs raffi ahmad situs slot gacor hari ini