बुधवार को दिखा चांद पहला रोजा आज : 12 घण्टे 37 मिनट का होगा पहला रोजा
था जिसका इंतजार वो मेहमान आ गया फिर रहमतें समेट कर माहे रमजान आ गया
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद आरिफ चंदेल
इस्लामपुर : रमजान इस्लामी साल का नौवां महीना होता है। इस्लाम में रमजान के महीने का विशेष महत्व होने के चलते इस महीने में इबादतों का सवाब अन्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक बढ़ा दिया जाता है। आलिमों ने बताया कि इस महीने में नफ्ल नमाजों का सवाब फर्ज नमाजों के बराबर और फर्ज नमाजों का सवाब 70 गुना तक बढ़ा दिया जाता है। रहमतों ओर बरकतों का महीना रमजान गुरुवार से शरू हो गया है। बुधवार शाम को चांद नजर आने के बाद मुस्लिम भाई रमजान की तैयारियों में जुट गए। सहरी ओर इफ्तारी के सामान की खरीदारी के लिए दुकानों पर भीड़ नजर आई। ईशा की नमाज के बाद मुस्लिम भाइयों ने तरावीह की विशेष नमाज अदा की ओर अल सुबह सहरी खाकर रमजान महीने का पहला रोजा रखा। रमजान महीने की आमद के साथ ही मुस्लिम भाई रब की इबादत में जुट गए हैं। अल सुबह से देर रात तक इबादतों का दौर शुरू हो गया है।
12 घंटे 37 मिनट का होगा पहला रोजा
जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अकबर अली के अनुसार पहले रोजे में सेहरी का आखिरी समय सुबह 5.47 बजे और इफ्तार शाम 6.24 बजे होगा। इस तरह पहला रोजा लगभग 12 घंटे 37 मिनट का रहेगा।
महीने के आखिर तक रोजे की अवधि में इजाफा होता जाएगा। 30वां रोजा 20 मार्च 2026 को होगा, जिसमें सेहरी का समय सुबह 5.18 बजे और इफ्तार शाम 6.42 बजे निर्धारित है। इस हिसाब से आखिरी रोजा करीब 13 घंटे 24 मिनट का होगा। यानि पूरे रमजान में रोजे की अवधि लगभग 49 मिनट तक बढ़ जाएगी। जगह के हिसाब से रोजे के समय में कुछ परिवर्तन होता रहता है। ठंड के मौसम में शुरू हो रहे रमजान में शुरुआती रोजे अपेक्षाकृत आसान रहेंगे जबकि अंतिम दिनों में रोजों का समय कुछ लंबा हो जाएगा।
मस्जिदों में दिखने लगी रौनक, बढ़ गई चहल-पहल
रमजान शुरू होते ही मस्जिदों में खास रौनक नजर आने लगी है। तरावीह और फजर की नमाज में नमाजियों की तादाद में काफी इजाफा होने लगा है वही पांचो वक्त की नमाजों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक मस्जिद में पहुंच रहे हैं जिसके चलते मस्जिदों में रौनक और चहल पहल बढ़ गई है।
इस बार रमजान में आएंगे पांच जुमे, पहला जुमा कल
जामा मस्जिद के इमाम अकबर अली ने बताया कि इस बार रमजान के मुकद्दस महीने में पांच जुमे आएंगे। पहला जुमा 20 फरवरी को, दूसरा 27 फरवरी को, तीसरा जुमा 6 मार्च को व चौथा जुमा 13 को और पांचवां जुमा 20 मार्च को होगा जिसे जुमातुल अलविदा कहा जाता है।
तीन असरों में बांटा गया है रमजान महीने को
रमजान में इन दिनों अल सुबह से देर रात तक इबादतों का दौर चल रहा है। रमजान के मुकद्दस महीने को तीन असरों में बांटा गया है। पहला असरा रहमत का दूसरा मगफिरत का व तीसरा असरा जहन्नुम से आजादी पाने का है। मौलाना ने बताया कि इस समय रमजान का पहला असरा रहमत का चल रहा है इसलिए मुस्लिम भाइयों को चाहिए कि रब की खूब इबादत कर उसकी ख़ुशनूदी हासिल करें।
रमजान के आखरी असरे में आएगी शबे कद्र
हदीसों में शबे कद्र की रात को हजार महीनों से भी अफजल बताया गया है। अल्लाह के रसूल ने फरमाया कि शबे कद्र को रमजान के आखरी असरे की ताक रातों 21वीं, 23वीं, 25वीं, 27वीं व 29 वीं में तलाश करो। ज्यादातर उलमाओं ने 27वीं रात को ही शबे कद्र माना है। रमजान महीने के आखिरी असरे का विशेष महत्व होने के चलते लोग मस्जिदों व घरों में एतकाफ में बैठकर रब की इबादत करेंगे।
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